नैनीताल:उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर हाईकोर्ट सख्त!हर पैसे का देना होगा हिसाब,साल-दर-साल खर्च का ब्योरा पेश करने के आदेश

Nainital: High Court Cracks Down on Uttarakhand Cricket Association! Every Penny Must Be Accounted For; Orders Issued to Submit Year-by-Year Expenditure Details.

नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने एसोसिएशन को निर्देश दिए हैं कि बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद से अब तक का वर्षवार आय-व्यय का पूरा विवरण तैयार कर शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता धीरज भंडारी को भी निर्देशित किया है कि वे जिन दस्तावेजों का हवाला दे रहे हैं, उन्हें भी शपथपत्र के साथ विधिवत पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को निर्धारित की गई है।

याचिका के अनुसार धीरज भंडारी व अन्य ने एसोसिएशन में वित्तीय अनियमितताओं और बीसीसीआई द्वारा जारी करोड़ों रुपये के उपयोग में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। इसके साथ ही एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष धीरज भंडारी को लोकपाल द्वारा हटाए जाने के आदेश को भी चुनौती दी गई है।

वहीं एसोसिएशन और बीसीसीआई की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि ये याचिकाएं सुनवाई योग्य (मेंटेनेबल) नहीं हैं और इन्हें खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने याचिकाओं में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उपाध्यक्ष को लोकपाल के आदेश के तहत ही पद से हटाया गया है। दूसरी ओर याचिकाकर्ताओं का कहना है कि स्वतंत्र ऑडिट में वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है और बीसीसीआई द्वारा जारी धनराशि का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक रूप से वेबसाइट पर भी उपलब्ध नहीं कराया गया है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।