उत्तराखण्डः रुद्रप्रयाग बाईपास निर्माण का मामला! हाईकोर्ट ने डीएम और कार्यदायी संस्था से मांगा जवाब, केदारनाथ हाईवे व गांवों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में रुद्रप्रयाग के कुंड में हो रहे बाईपास निर्माण से तलहटी में बसे सैमी धसारी गांव, केदारनाथ हाईवे चारधाम यात्रा मार्ग पर हो रही पत्थरों की बरसात व निर्माण का मलबा मंदाकिनी नदी में समाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सहित कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। बता दें कि रुद्रप्रयाग के सैमी धसारी गांव के ग्रामीण मदन सिंह रावत ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि रुद्रप्रयाग के कुंड में हो रहे बाईपास के निर्माण के चलते तलहटी में बसे गांव सहित केदारनाथ हाइवे में पत्थरों की बारिश होने के साथ ही निर्माण कार्य का मलबा मंदाकिनी नदी में समा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान कार्यदायी संस्था द्वारा सुरक्षा के कोई उपाय नही किए गए हैं और ना ही मलबा निस्तारण के लिए कोई डम्पिंग जोन बनाया गया है। निर्माण कार्य के दौरान हो रही पत्थरों की बारिश से केदारनाथ हाइवे सहित गांव के लोगों को खतरा उत्पन्न हो गया है। याचिका में उच्च न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश जारी किए जाएं।