उत्तराखण्डः रिटायर्ड पीडब्लूडी इंजीनियर राजेंद्र गोयल पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप! हाईकोर्ट ने पूछा- विजिलेंस ने शिकायत क्यों खारिज की? मांगा जवाब
नैनीताल। उतराखंड हाईकोर्ट में पीडब्लूडी रिटायर्ड इंजीनियर राजेंद्र गोयल और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति अर्जित करने को लेकर विजिलेंस से की गई शिकायत को खारिज किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार और विजिलेंस से जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा है कि आखिर किस आधार पर इस शिकायत को खारिज किया गया और क्यों इसमें जांच नहीं की गई। बता दें कि देहरादून निवासी जितेंद्र सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि पीडब्लूडी से रिटायर्ड इंजीनियर राजेंद्र गोयल और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए विजिलेंस में शिकायत की थी। लेकिन विजिलेंस ने उस शिकायत पर कोई जांच नहीं की, बल्कि उसे द्वेष वश बताकर 2024 में ही खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि रिटायर्ड इंजीनियर राजेंद्र गोयल ने अपने कार्यकाल के दौरान और रिटायरमेंट के तुरंत बाद अपने और परिवार के नाम पर कई प्रॉपर्टी खरीदी हैं, जो उनकी आय से कहीं ज्यादा है। जब याचिकाकर्ता ने आरटीआई के तहत स्टेटस मांगा तो पहले सरकार ने कहा कि विजिलेंस एक इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन है, इसलिए वो आरटीआई के दायरे में नहीं आता। याचिकाकर्ता की मांग है कि रिटायर्ड इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।