नैनीताल:आवाज़ इंडिया की खबर के बाद हरकत में आया कुमाऊं विवि! छात्र की जिस उत्तरपुस्तिका के मिलने की खबर अखबारों में छपी,वह आवाज़ इंडिया की खबर के बाद 10 सितंबर को हुई डिस्पैच!
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के एमजेएमसी चतुर्थ सेमेस्टर के एक छात्र की उत्तरपुस्तिका से जुड़े मामले मे आवाज़ इंडिया की खबर प्रकाशित होने के बाद विश्वविद्यालय से छात्र के पते पर उत्तरपुस्तिका भेजे जाने का इंडिया पोस्ट रिकॉर्ड सामने आया है। इससे अमर उजाला की फॉलोअप खबर की टाइमलाइन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें उत्तरपुस्तिका छात्र को पहले ही सुरक्षित मिल जाने की बात प्रकाशित की गई थी।

भारतीय डाक के उपलब्ध ट्रैकिंग रिकॉर्ड के अनुसार 10 सितंबर 2026 को दोपहर 2:07 बजे कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल एसओ से अल्मोड़ा एचओ के लिए पार्सल बुक किया गया। रिकॉर्ड में इसके बाद दोपहर 3:21 बजे आइटम बैग्ड और 3:29 बजे डिस्पैच दर्ज है। यानी उपलब्ध डाक रिकॉर्ड के मुताबिक उत्तरपुस्तिका भेजने की प्रक्रिया 10 सितंबर को दोपहर में शुरू हुई।

जबकि दस सितम्बर 2026 के अमर उजाला की खबर के मुताबिक छात्र को उत्तरपुस्तिका सुरक्षित मिल चुकी है। यानी एक दिन पहले 9 सितम्बर को,समाचार पत्र की खबर पर छात्र ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उसे न उत्तरपुस्तिका मिली थी और न ही विश्वविद्यालय की ओर से कोई सूचना दी गई थी। छात्र ने यह भी कहा था कि विश्वविद्यालय ने उत्तरपुस्तिका ढूंढ ली होगी, लेकिन उसे अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया था।
दरअसल, इस पूरे प्रकरण की शुरुआत छात्र द्वारा कुमाऊं विश्वविद्यालय के ऑनलाइन RTI पोर्टल पर अपनी दो उत्तरपुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मांगने से हुई। छात्र ने Photo Journalism और The Art and Essentials of Anchoring की उत्तरपुस्तिकाएं मांगी थीं और इसके लिए ₹138 शुल्क जमा किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय ने छात्र से ही संबंधित परीक्षा का “उपस्थिति/जांच पत्र” उपलब्ध कराने को कहा था। आवाज़ इंडिया ने विश्वविद्यालय के इस पत्र और पूरी प्रक्रिया को प्रमुखता से सामने रखा। खबर प्रकाशित होने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर उत्तरपुस्तिकाओं को तलाशने की कवायद शुरू हुई। इसके बाद अमर उजाला समाचार पत्र में फॉलोअप खबर में उत्तरपुस्तिका छात्र को सुरक्षित मिल जाने की बात सामने आई। लेकिन छात्र ने स्वयं इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि उसे अभी तक उत्तरपुस्तिका नहीं मिली है और न ही विश्वविद्यालय से कोई सूचना मिली है।

10 सितंबर को दो बजे से पहले ही आवाज़ इंडिया ने छात्र के खंडन की खबर प्रमुखता से लगाई, जिसके बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से अल्मोड़ा के पते पर पार्सल की बुकिंग और डिस्पैच दर्ज किया गया है। इससे कम से कम इतना स्पष्ट होता है कि 10 सितंबर को उत्तरपुस्तिका/दस्तावेज छात्र के पते की ओर भेजे जाने की डाक प्रक्रिया हुई।
ऐसे में “उत्तरपुस्तिका छात्र को पहले ही सुरक्षित मिल गई थी” वाली खबर की तारीख और दावा गलत साबित होता है,क्योंकि यदि उत्तरपुस्तिका वास्तव में 10 सितंबर को ही छात्र के पते पर भेजी गई, तो उसके पहले छात्र तक उसके पहुंच जाने का दावा उपलब्ध डाक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। जिससे न केवल विश्वविद्यालय बल्कि राष्ट्रीय समाचार पत्र की भी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा उत्तरपुस्तिका ढूंढ लेना और उसे छात्र को प्राप्त हो जाना एक ही बात नहीं है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार विश्वविद्यालय ने अब उसे डाक से भेजने की प्रक्रिया की है।