उत्तराखण्डः राहुल गांधी ने जंगल में अचानक रूकवाया काफिला! सुनी पर्यावरण प्रेमियों की पुकार, बोले- लोकसभा में उठाऊंगा मुद्दा
देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एयरपोर्ट-ऋषिकेश मार्ग पर सात मोड़ के निकट पिछले 11 दिनों से प्रस्तावित लगभग 4000 पेड़ों की कटाई के विरोध में धरने पर बैठे पर्यावरण प्रेमियों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने उनकी समस्याएं सुनीं और इस मुद्दे को संसद तक पहुंचाने का भरोसा दिया। दरअसल, राहुल गांधी का काफिला जब एयरपोर्ट-ऋषिकेश मार्ग से गुजर रहा था, तब आंदोलनकारियों ने उन्हें रुकने का अनुरोध किया। राहुल गांधी ने काफिला रुकवाकर प्रदर्शनकारियों से विस्तार से बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित हजारों पेड़ों की कटाई पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और इसे उत्तराखंड के पर्यावरण तथा भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताया। बता दें कि एयरपोर्ट-ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण की योजना के तहत लगभग 4000 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। इसी के विरोध में पर्यावरण कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और युवा पिछले 11 दिनों से सात मोड़ क्षेत्र में लगातार शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरण संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी। उनका आग्रह है कि सड़क निर्माण की ऐसी वैकल्पिक योजना बनाई जाए जिससे अधिक से अधिक पेड़ों को बचाया जा सके।
आंदोलनकारियों ने सुनाई अपनी पीड़ा
राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया भावुक हो गईं। उन्होंने रोते हुए आंदोलन के दौरान सामने आई परेशानियों को साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। शालू भाटिया ने कहा कि पिछले 11 दिनों से आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद आंदोलनकारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को परेशान किया जा रहा है, बच्चों तक को हिरासत में लिया गया और आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी से कहा, सर, हम बहुत बेबस हो चुके हैं। पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। स्कूल के बच्चों तक को उठा लिया जाता है और आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनकी बात सुनकर वहां मौजूद कई लोग भावुक हो गए और कुछ देर तक माहौल गंभीर बना रहा। राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों की पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि यह केवल स्थानीय मुद्दा नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लोकसभा में उठाएंगे ताकि केंद्र और संबंधित एजेंसियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से उठाया जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व मिलना चाहिए।
कांग्रेस संगठन को भी दिए निर्देश
राहुल गांधी ने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भी आंदोलनकारियों के संपर्क में रहने और उन्हें हरसंभव सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस इस पूरे मामले पर लगातार नजर रखे और जरूरत पड़ने पर आंदोलनकारियों की लोकतांत्रिक लड़ाई में सहयोग करे। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों में नया उत्साह देखने को मिला। कई आंदोलनकारियों ने इसे अपने संघर्ष को मिली बड़ी नैतिक ताकत बताया।