उत्तराखंड:कृपया ध्यान दें! चारधाम यात्रा के लिए कोविड जांच या किसी अन्य जांच की नही है कोई अनिवार्यता! लेकिन ये नही किया तो चारधाम यात्रा होगी मुश्किल।
कोरोना की सम्भावित चौथी लहर के मद्देनजर उत्तराखंड में कुछ पाबंदियां दोबारा लागू कर दी गयी है। इसी बीच लोगो को चारधाम यात्रा को लेकर भी संशय हो रहा है। तो बता दे कि चारधाम यात्रा के लिए बाहरी राज्यो आने वाले श्रद्धालुओं की कोविड जांच रिपोर्ट, वैक्सीन सर्टिफिकेट, या कोई अन्य जांच सर्टिफिकेट की अनिवार्यता नही है। जी हां राज्य सरकार ने कोविड की सम्भावित चौथी लहर को लेकर लोगो के बीच पैदा हुई भ्रम की स्थिति दूर करते हुए ये निर्णय लिया है। सीएम धामी के निर्देश पर एक अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें मुख्य सचिव एसएस संधू ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए अग्रिम आदेशो तक यात्रियों और श्रद्धालुओं को राज्य की सीमा पर होने वाली असुविधा और भीड़ से बचाव के दृष्टिगत कोविड 19 जांच,वैक्सीन सर्टिफिकेट, या किसी और प्रकार की कोई जांच की अनिवार्यता नही होगी।
क्या होगा अनिवार्य?![]()
मुख्य सचिव ने निर्देश में ये कहा है कि चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा संचालित पोर्टल में पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि शासन एवं प्रशासन स्तर पर सतही का निरंतर अनुश्रवण किया जाए।
आपको बता दें कि आगामी 3 मई अक्षय तृतीया के दिन से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। चारधाम यात्रा उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ साथ शुरू होगी। वही 6 मई से रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे और 8 मई को चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के खोल दिए जाएंगे