नैनीताल में आस्था और लोकसंस्कृति का भव्य संगम! नंदा देवी महोत्सव का रंगारंग आगाज, जयकारों से गूंज उठी सरोवर नगरी
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में आज से आठ दिवसीय नंदा देवी महोत्सव का विधिवत आगाज हो गया। श्री राम सेवक सभा मल्लीताल में पूजा-अर्चना के बाद महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट ने मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण के लिए कदली वृक्ष लाने वाले दल को ध्वज के साथ मंगोली के लिए रवाना किया। इस दौरान मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से पूरा नैनीताल गूंज उठा। नंदा देवी महोत्सव के 124वें वर्ष को लेकर इस बार विशेष तैयारियां की गई हैं। श्री राम सेवक सभा के महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि महोत्सव के दौरान नगर को विशेष रूप से सजाया गया है। वहीं, कुमाऊ की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस बार झोड़ा और छोलिया नृत्य पर विशेष फोकस किया जा रहा है। वहीं, कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सांसद अजय भट्ट ने नंदा देवी महोत्सव को आस्था, प्रेम और हरियाली का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आयोजित होने वाले मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों को सहयोग देती आई है और आगे भी यह सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। इधर कदली वृक्ष के नैनीताल पहुंचने के बाद मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। अगले कई दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नंदा देवी महोत्सव की रौनक सरोवर नगरी में देखने को मिलेगी।