मानवता की मिसाल: सीएम रेखा गुप्ता ने लिया 14 अंगों के महादान का संकल्प, पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिया बड़ा संदेश
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परोपकार और जनसेवा की एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री ने इस खास दिन को ऐतिहासिक बनाते हुए मरणोपरांत अपने शरीर के 14 प्रमुख अंगों और ऊतकों के महादान का संकल्प लिया है। उनके इस संवेदनशील और प्रेरणादायक निर्णय की चौतरफा सराहना हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंगदान को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। दिल्ली में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन प्लेटफॉर्म के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने मृत्यु के बाद अपने अंगों और ऊतकों को दान करने की घोषणा की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इसके लिए औपचारिक प्रक्रिया पूरी की और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। मुख्यमंत्री के इस संकल्प में हृदय, आंत, अग्न्याशय, लीवर, किडनी और फेफड़े जैसे प्रमुख अंग शामिल हैं। इसके अलावा हाथ, आंख की कॉर्निया, हड्डियां, हार्ट वाल्व, त्वचा, कार्टिलेज/लिगामेंट/टेंडन, रक्त वाहिकाएं और एमनियन जैसे ऊतकों के दान का भी उल्लेख किया गया है। इस पहल का उद्देश्य मृत्यु के बाद भी जरूरतमंद मरीजों के उपचार और जीवन बचाने में अंगदान की भूमिका को सामने लाना है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया है। अभियान में रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता और अंगदान को लेकर जागरूकता जैसे कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में स्वयं रक्तदान भी किया। अंगदान को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और झिझक देखने को मिलती है। ऐसे में किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा स्वयं अंगदान की औपचारिक घोषणा करना जागरूकता अभियान का हिस्सा बन सकता है। हालांकि अंगदान की वास्तविक प्रक्रिया मृत्यु की परिस्थितियों, चिकित्सकीय मूल्यांकन और निर्धारित कानूनी एवं चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार ही आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री कार्यालय की पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सोट्टो प्लेटफॉर्म भी है। दिल्ली में इस व्यवस्था का उद्देश्य अंग एवं ऊतक दान से जुड़ी प्रक्रिया को संस्थागत बनाना और लोगों को इसके संबंध में जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर हुए इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न संदेश दिए। अंगदान संकल्प ने इस आयोजन को स्वास्थ्य और मानवीय सेवा के एक अलग पहलू से भी जोड़ा है। अब इस पहल के जरिए दिल्ली में अंगदान के प्रति कितनी जागरूकता बढ़ती है, यह आने वाले समय में सामने आएगा।