उत्तराखण्डः पंचतत्व में विलीन हुए हीरा सिंह बिष्ट! सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार

Uttarakhand: Hira Singh Bisht merges with the five elements! CM Dhami pays tribute; last rites performed with state honors.

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी समेत पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राज्य आंदोलनकारियों और उनके समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हीरा सिंह बिष्ट के सेवक आश्रम रोड स्थित आवास पर पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि जनसेवा और लोक कल्याण के क्षेत्र में हीरा सिंह बिष्ट के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। बताया जाता है कि हीरा सिंह बिष्ट को बीती रात करीब डेढ़ बजे अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें ईस्ट कैनाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। देहरादून स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते उनके आवास पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का जमावड़ा लग गया। हर कोई अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने और श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचा। हीरा सिंह बिष्ट को उत्तराखंड की राजनीति में एक जमीनी और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में श्रमिकों, गरीबों और मलिन बस्ती के निवासियों के हितों को लेकर लगातार आवाज उठाई। जनसमस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता और आम लोगों से उनका जुड़ाव उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा। अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड बनने के बाद तक उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। एनडी तिवारी सरकार में उन्होंने परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। मंत्री रहते हुए भी उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी और श्रमिक वर्ग की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

श्रमिकों के हितों के लिए लंबे समय तक किया संघर्ष
हीरा सिंह बिष्ट का श्रमिक राजनीति से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने लंबे समय तक इंटक के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और श्रमिकों के अधिकारों एवं हितों के लिए लगातार संघर्ष किया। श्रमिकों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन के सामने उठाने के साथ ही उन्होंने उनके अधिकारों के लिए कई स्तरों पर आवाज बुलंद की। उनके समर्थकों का कहना है कि हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन केवल सत्ता और पद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने लंबे समय तक आम लोगों और श्रमिक वर्ग के बीच रहकर काम किया। यही वजह है कि उनके निधन पर कांग्रेस के साथ.साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हीरा सिंह बिष्ट के निधन को कांग्रेस परिवार के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि उनका इस तरह दुनिया से चले जाना कांग्रेस परिवार के लिए बड़ी क्षति है। 

पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने दी अंतिम विदाई
हीरा सिंह बिष्ट के अंतिम दर्शन के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेता उनके आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कैबिनेट मंत्री खजान दास, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कई नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।