उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने पॉलिटेक्निक लेक्चरर भर्ती में नियमों की गड़बड़ी पर डेढ़ साल से चल रहा मामला किया निस्तारित
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पॉलिटेक्निक लेक्चरर भर्ती को लेकर चल रहे डेढ़ साल पुराने मामले को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने जुलाई 2024 में निकली भर्ती में गड़बड़ी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती पर स्टे लगाया था। आज हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया गया कि 27 मार्च 2026 को सरकार ने नियमों में बदलाव कर AICTE मानकों के अनुरूप ला रही है। जिसमें केवल स्नातक ही नहीं, स्नातकोत्तर की आवश्यकता को भी रूल में शामिल किया जा रहा है। जिसके बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया है। बता दें कि मधुसूदन पनयोली एवं अन्य लोगों ने मार्च 2025 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि जुलाई 2024 में पॉलिटेक्निक लेक्चरर के विभिन्न पदों (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) समेत कई पदों पर विज्ञप्ति जारी हुई थी, लेकिन उस विज्ञापन और सर्विस रूल में त्रुटि थी। नियम में कहा गया था कि लेक्चरर बनने के लिए केवल स्नातक ही पर्याप्त है, जबकि AICTE यानी ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के 2019 के नॉर्म्स में साफ है कि लेक्चरर के लिए स्नातक के साथ-साथ स्नातकोत्तर की भी आवश्यकता है। ये लेवल-10 की पोस्ट है जबकि बैचलर पर केवल लेवल-9A में भर्ती AICTE नॉर्म्स के अनुसार परमिटेड है।