नैनीताल:कैंची धाम में बेकाबू होती भीड़ पर प्रशासन अलर्ट! मंडलायुक्त ने बताया अब रजिस्ट्रेशन से तय होगी एंट्री की सीमा,रजिस्ट्रेशन और क्राउड कंट्रोल पर रहेगा जोर
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को कैंची धाम में बीते दिनों अप्रत्याशित रूप से पहुंचे श्रद्धालुओं और अव्यवस्था को लेकर एक बैठक आयोजित की गई जिसमें पुलिस, प्रशासन, मंदिर प्रबंधन, स्थानीय लोगों, होटल एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर भीड़ प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में सबसे अहम सहमति श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन सिस्टम को लेकर बनी।
मंडलायुक्त ने बताया कि पिछले वीकेंड कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई और पुलिस के आंकड़ों के अनुसार एक दिन में यह संख्या 50 हजार से भी अधिक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा मंदिर और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दबाव के लिहाज से तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन को यह पता नहीं होगा कि कितने श्रद्धालु क्षेत्र में पहुंचने वाले हैं, तब तक ट्रैफिक, पार्किंग, शटल और अन्य व्यवस्थाओं की प्रभावी प्लानिंग संभव नहीं है। इसके लिए डीएम और एसएसपी संयुक्त रूप से शासन को रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने की सिफारिश भेजेंगे।
इसके साथ ही फिलहाल 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की कैप रखने पर विचार किया गया है। हालांकि यह अंतिम संख्या नहीं है और परिस्थितियों के अनुसार इसे घटाया या बढ़ाया जा सकता है। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हल्द्वानी-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थानीय लोगों और बागेश्वर-पिथौरागढ़ समेत अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों का आवागमन बाधित न हो।
बैठक में मंदिर के भीतर भीड़ नियंत्रण को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मंदिर में प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि एक ही स्थान से आने-जाने वाले लोगों की दोतरफा आवाजाही से भीड़ में अप्रिय घटना की आशंका बढ़ जाती है।
इसके अलावा अब केवल बड़े पर्व या विशेष अवसरों पर ही नहीं, बल्कि हर वीकेंड से पहले एसडीएम, सीओ और एआरटीओ की बैठक अनिवार्य रूप से होगी। बैठक में ट्रैफिक, पार्किंग और विशेष रूप से शटल सेवा की व्यवस्था पहले से तय की जाएगी। भीड़ बढ़ने पर भीमताल और अन्य स्थानों से शटल संचालन की व्यवस्था भी इसी प्लान का हिस्सा होगी।
कमिश्नर ने कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं से होटल की बुकिंग पहले से कराकर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिना बुकिंग पहुंचने के बाद होटल तलाशने की स्थिति से भी क्षेत्र में अनावश्यक दबाव बढ़ता है। प्रशासन होटल बुकिंग की भी जांच करेगा।
वहीं दोपहिया वाहनों को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर के मुताबिक टैक्सी बाइक योजना में निर्धारित व्यवस्था के विपरीत सीधे बाइक किराये पर देने और निजी बाइकों को भी रेंट पर चलाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
यानी कैंची धाम में अब सिर्फ ट्रैफिक डायवर्जन या मौके पर पुलिस तैनाती से काम चलाने के बजाय श्रद्धालुओं की संख्या पहले से तय करने, रजिस्ट्रेशन, क्राउड कैप और स्थायी वीकेंड प्लानिंग की दिशा में प्रशासन आगे बढ़ रहा है।