उत्तराखंड HC:2010 में हुए पुस्तकालय घोटाले पर हाईकोर्ट ने मांगा नगर पालिका हरिद्वार से शपथपत्र
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार में 2010 में हुए पुस्तकालय घोटाले के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को अवगत कराया कि सभी पुस्तकालय नगरपालिका को हस्तांतरित कर दी गई है जबकि नगरपालिका का कहना है कि उन्हें केवल 5 पुस्तकालय हस्तांतरित की गई है। कोर्ट ने नगर पालिका हरिद्वार से शपथ पत्र देकर स्थिति सपष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 4 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।
आपकों बता दे देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 2010 में तत्कालीन विधायक मदन कौशिक के द्वारा विधायक निधि से करीब डेढ़ करोड़ की लागत से 16 पुस्तकालय बनाने के लिए पैसा आवंटित किया गया था पुस्तकालय बनाने के लिए भूमि पूजन से लेकर उद्घाटन तक का फाइनल पेमेंट कर दी गई, लेकिन आज तक धरातल पर किसी भी पुस्तकालय का निर्माण नहीं किया गया, इससे स्पष्ट होता है कि विधायक निधि के नाम पर विधायक ने तत्कालीन जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी समेत ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ मिलकर बड़ा घोटाला किया गया ।
याचिकाकर्ता का कहना है कि पुस्तकालय निर्माण का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण सर्विसेस को दिया गया और विभाग के अधिशासी अभियंता के फाइनल निरीक्षण और सीडीओ की संस्तुति के बाद काम की फाइनल पेमेंट की गई,जिससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा घोटाला हुआ है लिहाजा पुस्तकालय के नाम पर हुए इस घोटाले की सीबीआई जांच करवाई जाए।