Oct 11, 2026 Login
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कोटद्वार में बड़ा हादसा: सिंचाई विभाग के जेई का राजकीय आवास के बाथरूम में मिला शव, करंट लगने से मौत की आशंका

Major tragedy in Kotdwar: Body of Irrigation Department Junior Engineer found in his government residence's bathroom; death suspected to be due to electrocution.

पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कालागढ़ स्थित सिंचाई विभाग के एक अवर अभियंता (जेई) का शव उनके ही राजकीय आवास के बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा हुआ मिला है। प्रारंभिक जांच और शरीर पर मिले निशानों को देखकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि उनकी मौत करंट लगने (विद्युत आघात) के कारण हुई है। इस अचानक हुई घटना से पूरे विभागीय महकमे और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

पौड़ी जिले के कालागढ़ में सिंचाई विभाग के एक अवर अभियंता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। रविवार, 11 अक्टूबर को रामगंगा बांध परियोजना के अंतर्गत सैडिल बांध में तैनात अवर अभियंता अनिल कुमार (45) का शव उनके राजकीय आवास के बाथरूम में पड़ा मिला। उनके दाहिने हाथ की एक उंगली झुलसी हुई पाए जाने के बाद करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक अनिल कुमार रामगंगा बांध परियोजना के सैडिल बांध में अवर अभियंता के पद पर तैनात थे। वह कालागढ़ की नई कॉलोनी स्थित राजकीय आवास संख्या ए-68 में रहते थे। रविवार को इसी आवास के बाथरूम में उनका शव मिलने की सूचना सामने आई। सरकारी कर्मचारी की मौत की खबर फैलते ही विभागीय कर्मचारियों और आसपास के क्षेत्र में हलचल मच गई। घटनास्थल पर उनके दाहिने हाथ की एक उंगली झुलसी हुई मिली। इस तथ्य के आधार पर प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि वह बाथरूम में किसी विद्युत उपकरण या बिजली के संपर्क में आए होंगे। हालांकि, किन परिस्थितियों में यह घटना हुई, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बाथरूम में बिजली की वायरिंग, गीजर या किसी अन्य विद्युत उपकरण में खराबी तो नहीं थी। साथ ही, मौत के पीछे किसी अन्य कारण की आशंका को भी जांच के तथ्यों के आधार पर परखा जाएगा। फिलहाल, केवल उंगली झुलसी मिलने के आधार पर मौत का कारण निश्चित नहीं माना जा सकता। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार लाया गया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। अवर अभियंता की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उनकी मौत बिजली के झटके से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। जांच पूरी होने से पहले घटना को दुर्घटना मानना जल्दबाजी होगी। बाथरूम में बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षित वायरिंग, उचित अर्थिंग और एमसीबी जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है। गीजर और अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित जांच करानी चाहिए। गीले हाथों से बिजली के स्विच या उपकरण न छुएं। यदि किसी उपकरण या तार में खराबी का संदेह हो तो बिजली की आपूर्ति बंद कराकर योग्य बिजली मिस्त्री से जांच कराएं।