उत्तराखंड HC : एमकेपीजी कॉलेज प्रकरण में हुए 45 लाख के ग़बन में जांच न करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने की सुनवाई, राधा रतूड़ी को जारी किया नोटिस, दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही के दिये आदेश
उत्तराखंड हाइकोर्ट ने एम.के. पी.जी. कॉलेज देहरादून के प्रकरण में 45 लाख के ग़बन मामले में जांच न करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा मंत्री राधा रतूड़ी को नोटिस जारी कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने कर आदेश दिए है।
मामले के अनुसार एम.के.पी. पी.जी. कॉलेज को विश्विद्यालय अनुदान आयोग से 45 लाख रुपए की धनराशि 2012 में मिली थी जिसमें कई ऑडिट रिपोर्ट ने ग़बन का अंदेशा जताया था। इसके बाद समाजसेवी सोनिया बेनीवाल द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय में उस समय उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दाख़िल शपथ पत्र में भी 45 लाख रुपए की इस्तेमाल में गड़बड़ियों की बात मानी गयी थी।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने, तत्कालीन सचिव जीतेन्द्र सिंह नेगी और तत्कालीन प्राचार्या डॉक्टर किरण सूद को सुनवाई का अवसर देने के बाद प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा, आनंद बर्धन से उचित निर्णय लेने को कहा था, और अगर गड़बड़ियों की बात पुनः पुष्ट होने की स्थिति में, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा था।
कोर्ट के आदेशानुसार 4 माह में प्रमुख सचिव आनंद वर्धन को इस प्रकरण में उचित निर्णय और कार्यवाही कर लेनी चाहिए थी लेकिन उनके द्वारा अति विलंब किया गया और कोई निर्णय नही लिया गया। इस वजह से सोनिया बेनीवाल द्वारा आज उत्तराखंड हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाख़िल की गयी ।