बड़ी खबरः छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में उत्तराखंड में उबाल! मसूरी से नैनीताल और गंगोलीहाट से गैरसैंण तक सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा

Big News: Outrage in Uttarakhand over the lathi-charge on students! Congress workers and youth have taken to the streets from Mussoorie to Nainital and Gangolihat to Gairsain.

देहरादून। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज तथा पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के विरोध में उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मसूरी से लेकर नैनीताल, गंगोलीहाट और गैरसैंण तक कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। मसूरी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शहर कांग्रेस कमेटी ने पिक्चर पैलेस स्थित भगत सिंह चौक पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य गोविंद पुंडीर, उपेंद्र थापली और अमित गुप्ता ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

नैनीताल में यूथ कांग्रेस ने केंद्र और दिल्ली पुलिस का पुतला फूंका
नैनीताल में भी यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंत पार्क में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में धरना दिया। इसके बाद केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस का संयुक्त रूप से पुतला दहन कर घटना पर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने और अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर कथित रूप से बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि ऐसी घटनाएं दोबारा सामने आती हैं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

गंगोलीहाट में छात्रों ने निकाली विशाल रैली
गंगोलीहाट में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर छात्रों ने विशाल रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। महाकाली रोड से शुरू हुई रैली छात्र चौराहा होते हुए रेस्ट हाउस पहुंची। इसके बाद छात्र वापस चौराहे पर एकत्र हुए, जहां रैली जनसभा में तब्दील हो गई। रैली के दौरान छात्रों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारो’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। आयोजकों ने बताया कि रैली का उद्देश्य शिक्षाविद् सोनम वांगचुक द्वारा उठाए जा रहे स्वास्थ्य और जनहित के मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता की मांग करना है। छात्रों ने कहा कि नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आने वाले विवादों और पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से ऐसी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

गैरसैंण में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का प्रदर्शन
गैरसैंण में भी देशभर में सामने आ रहे भर्ती घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी युवाओं ने केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों के कारण मेहनत करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य पर अनिश्चितता का संकट मंडरा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की।