उत्तराखण्डः सुबह चार बजे पत्रकार को घर से उठा ले गई मित्र पुलिस, दोपहर बाद छोड़ा! भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने पुलिस पर खड़े किए गंभीर सवाल, चर्चाओं का बाजार गर्म

Uttarakhand: Friendly police abducted a journalist from his home at 4 a.m. and released him in the afternoon! BJP MLA Arvind Pandey raised serious questions about the police, sparking heated debate.

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत और मीडिया जगत में आज उस समय खासी हलचल मच गयी, जब राजधानी देहरादून में पुलिस द्वारा फेसबुक और यूट्यूब चैनल ‘जय भारत टीवी’ के पत्रकार हेम भट्ट को कथित तौर पर सुबह चार बजे घर से जबरन उठाए जाने के आरोप लगे। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब भाजपा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। हांलाकि दोपहर बाद पत्रकार हेम भट्ट को छोड़ दिया गया।

आरोप है कि देहरादून पुलिस तड़के करीब चार बजे पत्रकार हेम भट्ट के घर पहुंची और उन्हें जबरन अपने साथ ले गई। इस दौरान उनके साथ मारपीट किए जाने और परिवार के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इस मामले में भाजपा के विधायक अरविंद पांडे का बयान सामने आने के बाद घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पांडे ने आरोप लगाया कि पत्रकार हेम भट्ट के साथ यह उत्पीड़नात्मक कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने हाल ही में उनका इंटरव्यू लिया था। उन्होंने कहा कि यदि हेम भट्ट को किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तराखंड पुलिस प्रशासन की होगी। अरविंद पांडे ने प्रशासन से मांग की है कि हेम भट्ट को जल्द सुरक्षित सामने लाया जाए।

मामले में कांग्रेस ने भी भाजपा विधायक के आरोपों को गंभीर बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हालांकि पुलिस प्रशासन ने मामले को लेकर अपना पक्ष रखा है। एसपी सिटी देहरादून ने बयान जारी कर कहा कि आरोपी प्रदीप सकलानी, जिस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था, उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान प्रदीप सकलानी ने कई लोगों के नाम बताए हैं, जिनमें हेम भट्ट का नाम भी शामिल था। इसी आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के तहत संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है और कार्रवाई पूरी तरह विधिसम्मत है।

हालांकि इस बयान के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पत्रकार हेम भट्ट को पहले कोई नोटिस जारी किया गया था? यदि पूछताछ ही करनी थी तो तड़के चार बजे घर से उठाने जैसी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी? भाजपा विधायक अरविंद पांडे के आरोपों के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है। आम लोगों और मीडिया जगत में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि क्या किसी राजनीतिक इंटरव्यू के कारण पत्रकार पर दबाव बनाया गया। हांलाकि दोपहर बाद हेम भट्ट को छोड़ दिया गया।