उत्तराखण्डः पहले बोला- ‘तलाक, तलाक, तलाक’! फिर पत्नी पर चाचा से निकाह हलाला का बनाया दबाव, पति समेत दो के खिलाफ मुकदमा
हरिद्वार। जिले के पथरी थाना क्षेत्र में एक महिला को कथित तौर पर तीन तलाक देने और इसके बाद निकाह हलाला के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसके पति समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि शादी के बाद से ही महिला को पति की ओर से परेशान किया जाता था और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी। पुलिस के अनुसार, बादशाहपुर पथरी निवासी महिला के पिता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी बेटी का निकाह 20 जून 2020 को दरगाहपुर, लक्सर निवासी वाजिद पुत्र जाकिर के साथ हुआ था। निकाह के बाद से ही बेटी को कथित तौर पर परेशान किया जाने लगा। तहरीर में पति पर गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। तहरीर के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 की शाम वाजिद अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर उसके मायके पहुंचा था। आरोप है कि वहां किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में पति ने महिला को कथित तौर पर तीन बार तलाक कहा। इसके बाद महिला को दोबारा ससुराल भेजने के लिए उसके पति के चाचा इरशाद से निकाह कराने का दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला के पिता ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर वाजिद पुत्र जाकिर और इरशाद पुत्र जमीर निवासी दरगाहपुर, लक्सर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पथरी थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि महिला के पिता की तहरीर के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस तहरीर में लगाए गए आरोपों के साथ.साथ घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।
तीन तलाक और हलाला से प्रभावित महिलाओं के लिए आवास का प्रस्ताव
इधर, उत्तराखण्ड में तीन तलाक और निकाह हलाला से प्रभावित होकर बेघर या बेसहारा होने वाली महिलाओं के पुनर्वास को लेकर भी वक्फ बोर्ड की ओर से आवास उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तावित है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के मुताबिक, ऐसे जरूरतमंद मामलों में महिलाओं को आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बोर्ड की आगामी बैठक में रखा जाएगा। योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और पात्रता, आवासों की संख्या तथा इसके क्रियान्वयन से जुड़ी अंतिम व्यवस्था बोर्ड के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी। वक्फ बोर्ड की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जिन्हें वैवाहिक विवादों के बाद रहने और आर्थिक सहारे की समस्या का सामना करना पड़ता है। प्रस्ताव पर कानूनी प्रावधानों के अनुरूप विचार किया जाना है।