Oct 03, 2026 Login

उत्तराखण्डः एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी! 9.31 लाख नाम कटे, नए वोटरों को फॉर्म-6 से मिलेगा मौका

Uttarakhand: Final electoral roll released after SSR! 9.31 lakh names deleted; new voters to get a chance via Form-6.

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। निर्वाचन विभाग की ओर से जारी अंतिम सूची में प्रदेश के कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। एसआईआर के दौरान प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज करीब 9,31,685 नाम अंतिम सूची से बाहर हो गए हैं। हालांकि, जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें दोबारा फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शनिवार को प्रेस वार्ता में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया आठ जून से शुरू हुई थी। उस समय प्रदेश में करीब 79 लाख मतदाता मतदाता सूची में दर्ज थे। इसके बाद मतदाता सूची के सत्यापन, गणना प्रपत्रों के वितरण और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के जरिए सूची को अपडेट किया गया। एसआईआर के तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए थे। इन्हें भरकर जमा कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। ड्राफ्ट सूची में प्रदेश में करीब 71,33,785 मतदाता रह गए थे। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा किसी तरह की आपत्ति या दावा होने पर उसे दर्ज कराने का मौका दिया गया। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने का अवसर दिया गया। इसके बाद 10 जुलाई से 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों की सुनवाई तथा उनके निस्तारण की प्रक्रिया चली। निर्वाचन विभाग ने इस दौरान मतदाता सूची में दर्ज नामों का सत्यापन किया और पात्र लोगों को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की। पहले उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी की जानी थी, लेकिन पांच जिलों के मतदाताओं के नामों का उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से सत्यापन किए जाने के कारण अंतिम प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ा दी गई। निर्वाचन आयोग ने बाद में अंतिम मतदाता सूची जारी करने के लिए 3 अक्तूबर की तारीख निर्धारित की। अब एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची सामने आ गई है। अंतिम सूची में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। खास बात यह है कि ड्राफ्ट सूची की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसका प्रमुख कारण दावे-आपत्तियों के निस्तारण के साथ पात्र नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाना है। निर्वाचन विभाग के अनुसार अंतिम मतदाता सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। एसआईआर के दौरान जहां अपात्र या सत्यापन में सामने न आए नामों को सूची से हटाया गया, वहीं पात्र लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी रही। इसी वजह से ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना था। इसके तहत पुराने मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन करने के साथ-साथ नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर भी जोर दिया गया।

जिनके नाम कटे, उन्हें मिलेगा एक और मौका
एसआईआर के बाद जिन मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में नहीं हैं, उनके लिए रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि छूटे हुए और पात्र मतदाता फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। इसके लिए नए मतदाताओं और सूची से छूटे पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यानी एसआईआर के बाद अंतिम सूची जारी होने के बावजूद मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।