Oct 03, 2026 Login

34 हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर शौर्य की मिसाल: क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने कैप्टन स्मित को लगाया गले, बोले-हमें आप पर गर्व है'

A testament to valor at an altitude of 34,000 feet: Crown Prince Sheikh Hamdan embraced Captain Smit, saying, "We are proud of you."

अबूधाबी। दुबई से तेल अवीव जा रही 'फ्लाईदुबई'  में 34 हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर हुआ हादसा सिर्फ़ एक विमान दुर्घटना की कोशिश नहीं, बल्कि भारतीय साहस, संयम और अदम्य इच्छाशक्ति का वैश्विक प्रतीक बन गया है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। अबूधाबी के अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन स्मित से शनिवार को दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें गले लगाया और उनके जज़्बे की मुक्तकंठ से सराहना की।

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में सह-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है। अबूधाबी के अस्पताल में उनका इलाज जारी है। भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि स्मित अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दूतावास उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। इसी बीच दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने अस्पताल पहुंचकर स्मित से मुलाकात की और उनके साहस की सराहना की। शेख हमदान ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित के साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यूएई नेतृत्व की ओर से स्मित को पूरा सम्मान और प्रशंसा दी जाती है। शेख हमदान ने यह भी कहा कि उन्हें गर्व है कि स्मित उनकी टीम और यूएई की कहानी का हिस्सा हैं। उन्होंने यूएई को करुणा, शांति और जीवन की रक्षा के मूल्यों वाला देश बताया। यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया। यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर हमला किया और विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की। हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे उतरने लगा। रिपोर्टों के मुताबिक विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान को सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल से कैप्टन स्मित से बातचीत की थी। इस दौरान स्मित ने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके सामने सबसे बड़ी चिंता विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा थी। उन्होंने बताया कि जब उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है, तो उन्होंने किसी तरह उठकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। उनके अनुसार, उस समय उनका संघर्ष केवल अपनी जान बचाने के लिए नहीं था, बल्कि विमान में मौजूद अन्य लोगों को बचाने के लिए भी था। स्मित ने यह भी बताया कि मुश्किल समय में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। उनके इस बयान ने घटना के दौरान उनके मानसिक संकल्प और स्थिति की गंभीरता को सामने रखा। घटना की जांच यूएई के नेतृत्व में जारी है। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने शनिवार को कहा कि प्रारंभिक जांच में सह-पायलट द्वारा कैप्टन पर क्रैश ऐक्स से हमला कर विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने का प्रयास सामने आया है और इसे ‘आतंकवादी कृत्य’ करने का प्रयास बताया गया है। हालांकि घटना के पीछे वास्तविक मकसद, किसी पूर्व योजना या किसी संगठन से संबंध जैसे पहलुओं की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की बात कही है।हमले के आरोपी सह-पायलट की पहचान कई रिपोर्टों में ओमान के नागरिक हम्माम अल-हमामी के रूप में की गई है। उसके पुराने रिकॉर्ड और कथित चरमपंथी विचारों से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन दावों के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं हुई है। कैप्टन स्मित की कार्रवाई की भारत के अलावा यूएई, इजरायल और अमेरिका से भी सराहना हुई है। इजरायली नेतृत्व ने उनकी भूमिका को संभावित बड़ी त्रासदी टालने में महत्वपूर्ण बताया है। वहीं यूएई नेतृत्व का अस्पताल पहुंचकर उनका सम्मान करना इस घटना के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव को दर्शाता है। फिलहाल स्मित मच्छार अबूधाबी के अस्पताल में उपचाराधीन हैं और भारतीय दूतावास के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा है। विमान में मौजूद सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद अब जांच का फोकस इस सवाल पर है कि कॉकपिट में हमला क्यों हुआ, सह-पायलट की मंशा क्या थी और क्या इसके पीछे कोई पूर्व योजना या बाहरी संपर्क था। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।