उत्तराखण्डः वीकेंड पर पहाड़ों में उमड़ा पर्यटकों का सैलाब! नैनीताल-कैंची धाम से जागेश्वर धाम तक भारी भीड़, सड़कों पर लगा लंबा जाम! होटल पैक, सैलानियों ने सड़कों पर गुजारी रात
नैनीताल/अल्मोड़ा। तीन दिनी वीकेंड के चलते नैनीताल और आसपास के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर शनिवार को श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे तो भवाली-कैंची धाम मार्ग पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। कैंची धाम से निगलाट तक करीब दो किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। सड़क पर वाहन घंटों रेंगते रहे और जाम से बचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भवाली से कैंची धाम तक पैदल ही सफर करना पड़ा। कैंची धाम में भीड़ बढ़ने के साथ ही इसका असर नैनीताल की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। तीन दिनी वीकेंड के चलते शुक्रवार से ही पर्यटकों की आमद बढ़नी शुरू हो गई थी। शनिवार तक नैनीताल के प्रमुख पार्किंग स्थल डीएसए मैदान, मेट्रोपोल, सूखाताल समेत अन्य स्थानों पर वाहन खड़े करने की जगह नहीं बची। पार्किंग फुल होने के बाद पर्यटक वाहनों का दबाव शहर की सड़कों पर बढ़ गया और कई प्रमुख मार्गों पर लंबी कतारें लग गईं। शुक्रवार सुबह से ही कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर तक श्रद्धालुओं की संख्या इतनी बढ़ गई कि भवाली से कैंची धाम और आगे निगलाट तक यातायात प्रभावित हो गया। करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। कई श्रद्धालुओं ने जाम में फंसने के बजाय अपने वाहन रास्ते में खड़े किए और पैदल ही कैंची धाम की ओर रवाना हो गए। बीती गुरुवार रात से ही सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होने लगा था। कैंची धाम और नैनीताल में बढ़ी भीड़ का असर पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था पर भी पड़ा। देर रात तक नैनीताल पहुंचने वाले कई पर्यटकों को होटल और अन्य ठहरने के स्थानों पर कमरे नहीं मिल सके। कुछ पर्यटक बस स्टैंड, रिक्शा स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रात गुजारते नजर आए, जबकि कई लोग माल रोड और आसपास के इलाकों में कमरे की तलाश करते रहे। पर्यटकों के अनुसार, कुछ दिन पहले जिस कमरे का किराया करीब 1500 से 2000 रुपये तक था, वीकेंड पर उसी के लिए 12 से 14 हजार रुपये तक की मांग की गई। कमरे उपलब्ध नहीं होने के कारण कई पर्यटकों के सामने ठहरने की समस्या खड़ी हो गई।
नैनीताल के एंट्री प्वाइंट पर भी वाहनों का दबाव
वीकेंड पर पर्यटकों की भारी आमद की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुबह से ही विशेष यातायात प्लान लागू किया। हल्द्वानी रोड से नैनीताल आने वाले वाहनों को रूसी और कालाढूंगी रोड से आने वाले वाहनों को नारायण नगर में रोककर वहां से शटल सेवा के जरिए शहर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद एंट्री प्वाइंट पर वाहनों की कतार कम नहीं हुई। शहर के प्रमुख पार्किंग स्थलों के फुल होने के बाद सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया। नैनीताल रोड पर भवाली से जोखिया तक करीब छह किलोमीटर और हल्द्वानी मार्ग पर भूमियाधार तक वाहनों की कतार लगने की सूचना रही। एंट्री प्वाइंट पर मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
जागेश्वर धाम में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उधर, अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में भी वीकेंड पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ पहुंची। सुबह से ही मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बड़ी संख्या में निजी वाहनों के जागेश्वर पहुंचने के कारण मंदिर परिसर के आसपास मौजूद पार्किंग स्थल जल्दी भर गए। पार्किंग फुल होने के बाद लोगों ने सड़क किनारे वाहन खड़े करने शुरू कर दिए। दोपहर तक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती रही और जागेश्वर से दण्डेश्वर तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में भी काफी समय लगा। कई लोग वाहन छोड़कर पैदल ही मंदिर की ओर जाते नजर आए। जागेश्वर में लगे जाम का असर स्थानीय लोगों और व्यापारियों पर भी पड़ा। लोगों को अपने रोजमर्रा के काम के लिए आवाजाही करने में परेशानी उठानी पड़ी। वीकेंड पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर यातायात और पार्किंग व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई।