उत्तराखण्डः हल्द्वानी में देवखड़ी नाले पर अतिक्रमण का मामला! हाईकोर्ट ने जनसुनवाई प्रक्रिया की सराहना की, 17 जनवरी को नगर निगम में आपत्तियों पर होगी सुनवाई

Uttarakhand: Encroachment on the Devkhari drain in Haldwani! The High Court commends the public hearing process; objections will be heard at the Municipal Corporation on January 17th.

नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में देवखड़ी नाले पर हुए बड़ी संख्या में अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ती सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग व नगर निगम की तरफ से अतिक्रमणकारियों के मामले पर की जा रही जनसुनवाई की तारीफ की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि सभी अतिक्रमणकारी चिन्हित किए जा चुके हैं। उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जिसपर प्रशासन की तरफ से कहा गया कि उनके आपत्तियों की सुनवाई के लिए 17 जनवरी 2026 सायं चार बजे नगर निगम के हॉल में बैठक बुलाई गई है। जिस किसी को जारी नोटिस पर आपत्ति देनी है तो वह अपनी आपत्ति व्यक्त कर सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गोनिया के पत्र का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि हल्द्वानी में तीन पानी से काठगोदाम तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। देवखड़ी नाले पर अतिक्रमण के चलते चौड़ीकरण का कार्य प्रभावित हुआ है।

कुछ व्यवसायिक संस्थानों को फायदा पहुंचाया गया है। अदालत के आदेश पर जिला प्रशासन ने अदालत को जो सर्वे रिपोर्ट सौंपी उसमें कहा गया है कि देवखड़ी नाले पर 200 अतिक्रमण चिन्हित किये गये हैं। सभी अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी किये गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण कारियों की सूची भी अदालत को सौंपी गयी। दूसरी ओर आज अधिवक्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि अतिक्रमण से जुड़े नक्शा और दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश दिये कि आगामी 12 दिसंबर तक सभी दस्तावेज और नक्शा न्यायमित्र अधिवक्ता को उपलब्ध कराये जायें। इसके बाद न्यायमित्र अधिवक्ता इनका अध्ययन कर अदालत को रिपोर्ट सौंपेंगे। अदालत इस मामले में 12 दिसंबर को सुनवाई करेगी। आज जो नक्शा पेश किया गया वह गूगल से लिया गया था। जिससे यह पता नही चल रहा है कि नाला कहां है। जबकि खसरा नंबर में नाला है। अब नाले में अतिक्रमण होने की वजह से उसका वजूद ही गायब हो गया। केवल वाक वे मॉल के पास पास दिखाया गया। इसलिए रेवन्यू रिकार्ड को पेश कराया।