उत्तराखण्डः मुख्यमंत्री धामी का किसान और सेवक रूप! मां के साथ की खेती-बाड़ी, पूर्णागिरि मंदिर में श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश

Uttarakhand: Chief Minister Dhami’s farmer and public servant personas—farming alongside his mother and spreading a message of cleanliness through voluntary service at Purnagiri Temple.

खटीमा। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज एक अलग अंदाज में नजर आए। दो दिवसीय ऊधम सिंह नगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अपने पैतृक क्षेत्र खटीमा में खेतों में उतरकर खेती-किसानी का कार्य किया। उन्होंने न केवल खेत में जुताई की, बल्कि स्वयं हाथ में तसला लेकर गोबर की खाद भी डाली। इसके बाद मुख्यमंत्री स्थानीय पूर्णागिरि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने झाड़ू लगाकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और श्रमदान करते हुए परिसर की धुलाई भी की। मुख्यमंत्री धामी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय दौरे पर ऊधम सिंह नगर पहुंचे थे। इस दौरान वह खटीमा स्थित नगला तराई में अपने आवास पहुंचे और अपनी माता जी के साथ खेतों में समय बिताया। खेत में जुताई करते हुए और गोबर की खाद डालते हुए मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

उन्होंने कहा कि किसानों का जीवन संघर्ष, परिश्रम, समर्पण और त्याग से भरा होता है। उन्होंने स्वयं बचपन से किसानों की मेहनत को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वह अपने खेतों में काम करने का प्रयास करते हैं। उनका मानना है कि खेती केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि किसानों के अथक परिश्रम के कारण ही देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत बनी हुई है और किसानों का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। खेतों में श्रम करने के बाद मुख्यमंत्री धामी खटीमा के स्थानीय पूर्णागिरि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने मंदिर परिसर की धुलाई कर स्वयं श्रमदान भी किया।