Big Breaking: पंतनगर विवि परिसर में नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ का आरोप! कोतवाली में भारी हंगामा, देर रात दर्ज हुआ मुकदमा

Major Breaking: Allegations of molestation of minor girls at Pantnagar University campus! Massive uproar at the police station; case registered late at night.

रुद्रपुर। पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर में नाबालिग बच्चियों के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्रता का मामला सामने आने के बाद बुधवार देर रात पंतनगर कोतवाली में खासा गहमा-गहमी का माहौल देखने को मिला। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग कोतवाली पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करने लगे। मामले को लेकर देर रात तक कोतवाली परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही और भारी आक्रोश देखने को मिला। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विवि परिसर में ठेका कर्मी के तौर पर कार्यरत दीपक शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम कुछ नाबालिग बच्चियां पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर में घूमने के लिए निकली थीं। आरोप है कि इसी दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत ठेका कर्मी दीपक शर्मा ने बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करते हुए अभद्र व्यवहार किया। बच्चियों ने जब इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजन और स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग पंतनगर कोतवाली पहुंच गए। लोगों का कहना था कि नाबालिग बच्चियों के साथ हुई इस घटना को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस दौरान महिलाओं की भी बड़ी संख्या कोतवाली में मौजूद रही और सभी ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्यवाही की मांग की।

मामले को लेकर देर रात तक कोतवाली परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। परिजनों का कहना था कि पंतनगर विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक परिसर में इस तरह की घटना बेहद गंभीर है और इससे छात्राओं एवं बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना ने पंतनगर विवि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर विवि परिसर को सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, जहां छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में परिसर में कार्यरत किसी कर्मचारी पर नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ का आरोप लगना पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की भी बड़ी विफलता होगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।