नैनीताल: भवाली के चर्चित यौन शोषण मामले में जांच से खुल रहे नए राज! एसएसपी ने अबतक के तथ्यों की दी जानकारी, बोले- युवतियों को झांसे में लेकर करता था ब्लैकमेल
नैनीताल। भवाली के चर्चित यौन शोषण और सेक्सटॉर्शन मामले में नैनीताल एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने बड़ा बयान जारी करते हुए पूरे मामले की जांच और अब तक सामने आए तथ्यों की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, यह मामला केवल एक पीड़िता तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि आरोपी लंबे समय से महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनका कथित रूप से यौन शोषण और ब्लैकमेल करता रहा है। एसएसपी ने बताया कि मल्लीताल कोतवाली में सेक्सटॉर्शन, यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम तथा एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म से संबंधित गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत विवेचना शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी के रूप में नरेश पांडे का नाम सामने आया, जो स्थानीय स्तर पर व्यापार मंडल से जुड़ा बताया जाता है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर विशेष रूप से कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर चुकी या नई-नई नौकरी और करियर की तलाश में रहने वाली युवतियों को निशाना बनाता था। आरोप है कि पहले वह उनसे संपर्क स्थापित कर विश्वास जीतता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करता था। एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने स्पष्ट किया कि दर्ज एफआईआर में नरेश पांडे को नामजद आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम, जबरन वसूली सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़िताओं को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन भी दिए थे और मानसिक दबाव बनाकर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने कानूनी राहत पाने की भी हर संभव कोशिश की। उसने निचली अदालत, सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी भी अदालत से उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि विवेचना आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य भी सामने आए हैं। जांच के दौरान क्षेत्र में लंबे समय से महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की चर्चाओं की पुष्टि करने वाले कुछ महत्वपूर्ण इनपुट पुलिस को मिले। इसी क्रम में एक अन्य महिला भी पुलिस के सामने आई, जिसने आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने अपने बयान में दुष्कर्म, जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने तथा ब्लैकमेलिंग जैसे आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों की भी विधिक प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नरेश पांडे के खिलाफ पहले से ही 67 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गुंडा एक्ट, मारपीट, झगड़ा, ब्लैकमेलिंग और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल हैं। एसएसपी ने आरोपी को शातिर और पेशेवर अपराधी बताते हुए कहा कि ऐसे आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। इसी वजह से पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए। एसएसपी ने बताया कि आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।