उत्तराखण्डः उपनल कर्मचारियों को राहत नहीं देने पर हाईकोर्ट सख्त! सचिव कार्मिक, वित्त और सैनिक कल्याण को पेश होने के आदेश, एक सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी विभागों में वर्षों से लगे उपनल संविदा कर्मचारियों को आदेश होने के बाद भी सरकार द्वारा नियमित नही क़रने और उन्हें चयनित वेतनमान नही दिये जाने तथा उनको दिए गए वेतन से जीएसटी काटे जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। आज हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश का पालन नहीं करने पर सचिव कार्मिक, सचिव वित्त, सचिव सैनिक कल्याण को कोर्ट में पेश होने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। बता दें कि बीते 1 वर्ष से प्रदेश सरकार द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन न कर कोर्ट से सरकार द्वारा बार-बार अतिरिक्त समय की मांग की जा रही है, जिसे लेकर प्रदेश भर के उपनल कर्मियों में आक्रोश है। उपनल कर्मियों द्वारा उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर कहा है कि 2018 में हाईकोर्ट ने उपनल संविदा कर्मचारियों को सरकारी नौकरी में नियमितीकरण का आदेश दिया था। जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार को 2024 में झटका लगा और संविदा कर्मचारियों के हक में फैसला दिया था। जब हाईकोर्ट में इस पूरे मामले में अवमानना याचिका दाखिल हुई तो सरकार पिछले 1 साल से इसको लटकाती रही है।