उत्तराखंड बिग ब्रेकिंग:सीएम ने किया उत्तराखंड के लोकपर्व इगास पर राजकीय अवकाश घोषित! रविवार को एक और अवकाश! इगास पर्व क्या है? ये भी जानिए खबर के लिंक पर
उत्तराखंड की संस्कृति और यहां के लोकपर्वों को बढ़ावा देने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के प्रतीक "इगास"पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित किया है। उन्होंने पहाड़ी भाषा मे ही ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी और इगास पर्व की शुभकामनाएं भी दी। इससे पहले भी उत्तराखंड के लोकपर्वों पर समय समय अलग अलग मुख्यमंत्रियों ने अवकाश घोषित किये हैं।

उत्तराखंड की विरासत में इगास पर्व की बड़ी महत्ता है। ये पर्व दीपावली के 11 दिन बाद मनाया जाता है। इगास बग्वाल पर्व उत्तराखंड में कई वर्षों से मनाया जाता रहा है। इस परंपरा को आने वाले पीढियां न भूलें इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा इस पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित किये जाने पर सीएम का ये सराहनीय कदम माना जा रहा है। उत्तराखंड में दीवाली के 11 दिन बाद भेलौ खेला जाता है जिसमे हर कोई एक दूसरे की खुशी की कामना करता है और आपस मे खुशियां भी बांटते है। इस दिन रक्षाबंधन के दिन जो रक्षा तागा(सूत्र) हाथ पर बांधा जाता है उसे इगास के दिन बछड़े की पूंछ पर बांध दिया जाता है और मन्नत मांगी जाती है। उत्तराखंड के निवासियों का विश्वास है कि ऐसा करने से मन्नत पूरी होती है । ये परंपरा सदियों से यहां चली आ रही है। इगास पर्व को बूढ़ी दीवाली भी कहा जाता है। इगास पर्व कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों में अलग अलग तरह से मनाया जाता है,गढ़वाल में इसे फेस्टिव सीजन के तौर पर देखा जाता है। दीवाली के 11 दिन बाद बूढ़ी दीवाली के तौर पर इगास को मनाया जाता है। इगास के पहले और आखिरी दिन कृषि,पालतू जानवरों के लिए विशेष आभार प्रकट किया जाता है। पालतू जानवरों के माथे पर रोली से टीका लगाया जाता है। सींगों पर तेल लगाया जाता है। जौ के आटे के गोल पिंड खिलाए जाते हैं।
वही कुमाऊं में इगास को बल्दिया एगाश कहा जाता है । यहां भी पशुओं को विशेष महत्व दिया जाता है। खेतो खलिहानों में बालियो से दाने अलग करने में मदद मिलती है। गाय के प्रति विशेष आभार प्रकट किया जाता है ताकि दुग्ध उत्पादों में उन्हें शक्ति मिले ।
इगास लोकपर्व पर सीएम द्वारा राजकीय अवकाश घोषित किये जाने पर सोशल मीडिया में सीएम की जमकर तारीफ हो रही है। हालांकि आपको ये भी बता दें कि इगास पर्व 14 नवंबर को है और उस दिन रविवार है और अभी तक इस अवकाश के लिए शासनादेश जारी नही हुआ है।