उत्तराखण्ड: महिला के साथ दुर्व्यवहार के लगे थे आरोप! हाईकोर्ट ने रद्द की कांस्टेबल की बर्खास्तगी, लॉकडाउन से जुड़ा है मामला
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पुलिस कांस्टेबल की बर्खास्तगी रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें उच्च न्यायालय ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है, साथ ही बर्खास्तगी के दिन से अब तक का आधा पेमेंट करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला 24 मई 2020 की घटना से जुड़ा है, जब कांस्टेबल जगदीश नाथ पर एक महिला के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा था। खास बात यह थी कि उस महिला का पति एक क्वारंटाइन केंद्र में था। आरोप था कि कांस्टेबल ने शराब के प्रभाव में कार्य किया। आरोप और जांच की प्रक्रिया दोनों उसी दिन पूरी की गईं और कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन अदालत ने इस प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियाँ पाई। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि सेवा से बर्खास्तगी के नियम और उत्तराखंड के दंड और अपील नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया। खासकर नियम 8(2) (b) के संदर्भ में, जो कहता है कि जहां अनुशासनात्मक जांच करना "उचित रूप से व्यावहारिक नहीं" हो, वहां इसे छोड़ा जा सकता है, अदालत ने इसे उचित नहीं ठहराया।