नैनीताल में स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ एकजुट हुए सभासद, व्यापारी और होटल कारोबारी! पालिकाध्यक्ष ने भी जताया समर्थन, आंदोलन की चेतावनी
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में विद्युत विभाग की स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को लेकर विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। नगर पालिका सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में नगर के विभिन्न वर्गों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने का खुलकर विरोध किया। बैठक में होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल, नगर पालिका के 15 वार्डों के सभासदों समेत विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। बैठक के दौरान उपस्थित सभासदों और अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर में बिजली उपभोक्ताओं की अनेक समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जिनका समाधान समय पर नहीं किया जाता। बिजली कटौती, खराब लाइनों, बिलिंग संबंधी शिकायतों और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर विभाग की कार्यशैली पहले से ही सवालों के घेरे में है। ऐसे में विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद लोगों की चिंताओं को और बढ़ाने वाली साबित हो रही है। प्रतिनिधियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर को लेकर आम जनता के बीच कई तरह की आशंकाएं हैं। लोगों को यह भय है कि इससे बिजली बिलों में बढ़ोतरी हो सकती है तथा उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। बैठक में यह भी मांग उठी कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले विभाग को जनता को पूरी जानकारी देनी चाहिए और उनकी शंकाओं का समाधान करना चाहिए। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने भी बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की भावनाओं का समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह नगर के सभासदों और अन्य हितधारकों की इस मांग के साथ खड़ी हैं कि नगर में किसी भी स्थिति में स्मार्ट मीटर जबरन नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की सहमति और विश्वास के बिना किसी भी योजना को लागू करना उचित नहीं होगा। बैठक के बाद सभासदों ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि नगर के किसी भी वार्ड में स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास जनता की इच्छा के विरुद्ध किया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधि आम नागरिकों के साथ सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।