नीट-पेपर लीक पर उबाल जारी: बिहार बंद का मिला-जुला असर! कई जिलों में प्रदर्शन,आगजनी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम,मुजफ्फरपुर में इंटरनेट बंद

Uproar over NEET paper leak continues: 'Bihar Bandh' sees mixed response! Protests and arson reported across several districts; tight security arrangements in place; internet suspended in Muzaffarpur

पटना। नीट पेपर लीक मामले, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को बुलाए गए बिहार बंद का राज्य के कई जिलों में व्यापक असर देखने को मिला। वामदलों और महागठबंधन के समर्थन वाले इस बंद के दौरान समस्तीपुर समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन, सड़क जाम और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जबकि राजधानी पटना में सुबह के समय जनजीवन सामान्य बना रहा। संभावित तनाव को देखते हुए पूरे राज्य में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

बंद से एक दिन पहले पटना पुलिस ने भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वीरचंद पटेल पथ स्थित आवास से संदीप सौरभ को हिरासत में लिया, जबकि पटना पुलिस हॉस्टल में भी छापेमारी की गई। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर में सुबह-सुबह ही छात्र संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बसों को रोककर यातायात बाधित किया गया और कई स्थानों पर आगजनी कर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति तथा नीट पेपर लीक के विरोध में नारेबाजी की गई। वहीं गया में सुबह स्थिति सामान्य रही, लेकिन 10 बजे के बाद छात्र संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। मुजफ्फरपुर में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पूरे शहर में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। राजधानी पटना में डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, अशोक राजपथ, राजवंशी नगर और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ करीब 200 जवान तैनात हैं। स्थानीय पुलिस के अलावा सीआईएसएफ, बीएसएफ, एसएसबी और सीआरपीएफ के जवान भी मोर्चा संभाले हुए हैं। विधानसभा, पटना जंक्शन, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राज्यभर में करीब एक लाख पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, जबकि पटना, औरंगाबाद समेत कई जिलों में एहतियातन स्कूल बंद रखे गए हैं। प्रशासन सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। बिहार बंद को वामदलों के साथ राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी सहित महागठबंधन के दलों का समर्थन मिला है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। पूरे दिन बंद के प्रभाव और विभिन्न जिलों की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।