बड़ी खबरः एशियन गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, रोशिबिना का सिल्वर तो सतनाम-सलमान ने जीता ब्रॉन्ज
नई दिल्ली। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पांचवां दिन पदकों और शानदार प्रदर्शन से भरा रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने रोइंग, वुशु, हॉकी, कबड्डी, बॉक्सिंग और स्क्वैश समेत कई खेलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दिन की शुरुआत रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी के ब्रॉन्ज मेडल से हुई, जबकि वुशु में नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार रोशिबिना का यह लगातार दूसरा एशियन गेम्स सिल्वर है। रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स फाइनल में सतनाम सिंह और सलमान खान ने 6:13.25 का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय जोड़ी 500, 1000 और 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम चरण में वह तीसरे स्थान पर खिसक गई। चीन ने गोल्ड और उज्बेकिस्तान ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं पुरुष सिंगल स्कल्स में बलराज पंवार पदक से बेहद करीब पहुंचने के बावजूद चौथे स्थान पर रहे। वुशु के महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा फाइनल में रोशिबिना देवी का सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ।
रोशिबिना को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार रजत पदक हासिल किया। इससे पहले चौथे दिन भी भारत ने कई महत्वपूर्ण पदक हासिल किए थे। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने ब्रॉन्ज हासिल किया। शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक अपने नाम किए। इन परिणामों ने भारत की पदक तालिका को मजबूत किया है। ताजा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत के खाते में एक गोल्ड, छह सिल्वर और सात ब्रॉन्ज समेत कुल 14 पदक थे। हॉकी में भी भारतीय टीमों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 8-2 से जीत दर्ज की। मुकाबले में भारत ने लगातार आक्रमण बनाए रखा और ड्रैगफ्लिक समेत कई शानदार गोल किए। दक्षिण कोरिया ने भी दो गोल किए, लेकिन भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। कबड्डी में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से हराया। इससे पहले भारत ने ग्रुप चरण में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था। जिम्नास्टिक्स में भारत की एकमात्र प्रतिनिधि प्रणति नायक ने वॉल्ट फाइनल में 13.100 का कुल स्कोर हासिल किया और छठे स्थान पर रहीं। उन्होंने दोनों प्रयासों में 12.9 का स्कोर किया और बोनस के साथ उनका कुल स्कोर 13.100 रहा। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की येओ सियो-जोंग, उत्तर कोरिया की एन चांग ओक और चीन की डू सियू शीर्ष तीन स्थानों पर रहीं। बॉक्सिंग में साक्षी चौधरी का मुकाबला मौजूदा विश्व चैंपियन और दो बार की एशियन चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा से रहा। साक्षी ने एशियन गेम्स तक पहुंचने से पहले राष्ट्रीय ट्रायल्स में मजबूत प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने निखत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा जैसी शीर्ष मुक्केबाजों को हराकर जगह बनाई थी।
रोइंग के पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स फाइनल में कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह, जाकर खान और बलराज पंवार की भारतीय टीम पांचवें स्थान पर रही। चीन ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान और जापान की टीमें भारत से आगे रहीं। स्क्वैश में वीर चोटरानी ने पांच गेम तक चले मुकाबले में संजय जीव को 3-2 से हराया। चौथा गेम 17-15 तक चला, लेकिन निर्णायक पांचवें गेम में वीर ने 11-6 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। भारतीय दल के लिए पांचवें दिन कई पदक मुकाबलों में उम्मीदें बनी रहीं। शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने चुनौती पेश की, जबकि हॉकी, कबड्डी और अन्य टीम स्पर्धाओं में जीत ने अगले दौर के लिए रास्ता मजबूत किया। एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत के प्रदर्शन की खास बात यह रही कि अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ी लगातार पदक और अगले दौर की दौड़ में बने रहे। रोइंग के ब्रॉन्ज और वुशु के सिल्वर ने दिन की शुरुआत को खास बनाया, जबकि हॉकी और कबड्डी में जीत ने टीम स्पर्धाओं में भारत की स्थिति मजबूत की। अब भारतीय दल की नजरें आगामी मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ाने पर हैं।