ऊधम सिंह नगरः पंतनगर चोरी कांड में पुलिस के खुलासे पर उठे सवाल! पीड़ित बोला- पुलिस ने जो बरामद सामान दिखाया वह मेरा नहीं! एसएसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई गुहार
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शांतिपुरी नंबर-1 में हुई चोरी के मामले में पुलिस के खुलासे पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस द्वारा चोरी की घटना का खुलासा कर आरोपी को जेल भेजने के बाद पीड़ित ने पूरे मामले पर गंभीर आपत्ति जताते हुए दावा किया है कि पुलिस ने जिस सामान की बरामदगी दिखाई है, वह उसके घर से चोरी हुआ सामान नहीं है। पीड़ित ने इस संबंध में एसएसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। जानकारी के अनुसार, शांतिपुरी नंबर-1 निवासी प्रकाश चंद के घर कुछ समय पहले चोरी की घटना हुई थी। मामले में पंतनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा करने का दावा किया। पुलिस ने प्रेसवार्ता के माध्यम से चोरी का सामान बरामद करने की भी जानकारी दी और आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामला उस समय नया मोड़ ले गया, जब पीड़ित स्वयं एसएसपी कार्यालय पहुंच गया। यहां उसने एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी से मुलाकात कर पुलिस के पूरे खुलासे पर सवाल उठाए।
पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने जिन वस्तुओं को बरामद दिखाया है, उनमें से एक भी सामान उसके घर से चोरी नहीं हुआ था। प्रकाश चंद ने बताया कि उनके घर से चोरी हुए कीमती सामान का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इसके बावजूद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया और आरोपी को जेल भेज दिया। उनका कहना है कि यदि वास्तविक चोरी का सामान बरामद ही नहीं हुआ, तो पुलिस ने किस आधार पर इस मामले का खुलासा कर दिया। पीड़ित ने एसपी सिटी से अनुरोध किया कि मामले की विवेचना अभी बंद न की जाए, बल्कि इसे आगे बढ़ाते हुए चोरी गए वास्तविक सामान की तलाश की जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय तभी मिलेगा, जब उनके घर से चोरी हुआ सामान बरामद होगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस के खुलासे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि पीड़ित के दावे सही साबित होते हैं, तो यह जांच प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा। फिलहाल एसपी सिटी ने पीड़ित की शिकायत सुनकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और क्या पीड़ित के घर से चोरी हुआ वास्तविक सामान बरामद हो पाता है या नहीं।