उत्तराखण्डः नाबालिग के अपहरण का सनसनीखेज खुलासा! मां ने ही डेढ़ लाख रुपये में किया था बेटी का सौदा, पूरी रकम न मिलने पर रची फर्जी किडनैपिंग की साजिश

Uttarakhand: Sensational revelation in minor's abduction case! Mother herself sold her daughter for ₹1.5 lakh; staged a fake kidnapping plot after failing to receive the full amount.

देहरादून। राजधानी देहरादून में नाबालिग लड़की के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह पलट गया। जिस महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरे षड्यंत्र की मुख्य आरोपी निकली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पीड़िता की मां ने ही अपनी नाबालिग बेटी का विवाह कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर दिया था। जब सौदे की पूरी रकम नहीं मिली तो उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। थाना राजपुर में दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज तथा मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस को नाबालिग के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर गोपनीय कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान मामले में शामिल दो आरोपियों मनीष और लवी कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी लवी कुमार ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी। उसने बताया कि उसने एक महिला के माध्यम से नाबालिग को उसकी मां से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। इसके बाद उसने उसी नाबालिग को दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया, जिसने विवाह के उद्देश्य से उसे अपने पास रखा था। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरनगर से पिंकी मलिक और देहरादून के आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से नीलम देवी को भी गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकार पुलिस ने इस पूरे मानव तस्करी और नाबालिग के अवैध सौदे से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 3(5), 65(1), 87 और 143 के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 एवं 16/17 भी जोड़ दी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।