बंधक बनाकर दो नाबालिगों से गैंगरेप, छह आरोपी गिरफ्तार, प्रेमियों ने दिया वारदात को अंजाम

Two minors held captive and gang-raped; six accused arrested; lovers carried out the crime.

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ दो नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस घिनौने अपराध को किसी और ने नहीं, बल्कि लड़कियों के कथित प्रेमियों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो बाल अपचारियों सहित सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग लड़कियों का गिरफ्तार आरोपियों में से दो युवकों के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत दोनों लड़कियों को "स्मार्ट सिटी" घुमाने के बहाने मिलने के लिए बुलाया। जब मासूम लड़कियां उनके झांसे में आकर वहां पहुंचीं, तो आरोपी उन्हें जबरन तुपुदाना स्थित एक सुनसान मकान में ले गए। वहां आरोपियों ने दोनों को बंधक बना लिया और उनके साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस खौफनाक चंगुल में फंसी दोनों लड़कियों में से एक ने बेहद बहादुरी दिखाई। वह किसी तरह आरोपियों को चकमा देकर उस बंद मकान से भाग निकलने में सफल रही। उसने बिना वक्त गंवाए सीधे पुलिस को इस बर्बरता की सूचना दी। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया जैसे ही पीड़ित लड़की से इस घटना की जानकारी मिली, पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस टीम ने तत्काल तुपुदाना के उस मकान पर छापेमारी की, जहाँ से दूसरी नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मौके से ही वारदात में शामिल सभी छह आरोपियों को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस की कड़ी पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। रेस्क्यू की गई एक पीड़िता ने अपने साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि की है, जबकि दूसरी बच्ची ने बताया कि उसके साथ भी जबरदस्ती की कोशिश की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पीड़ित बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया है। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में से चार बालिग अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि दो नाबालिग (बाल अपचारी) आरोपियों को सुधार गृह (रिमांड होम) भेजा गया है। राजधानी में प्रेम और दोस्ती के नाम पर हुए इस घिनौने विश्वासघात ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।