Aug 23, 2026 Login

उत्तराखंड में हेट स्पीच का बढ़ता खतराः मुख्यमंत्री धामी सबसे ऊपर! 2025 में 71 भाषण दर्ज

The growing threat of hate speech in Uttarakhand: Chief Minister Dhami tops the list! 71 speeches recorded in 2025

देहरादून। उत्तराखंड में नफरत फैलाने वाले भाषणों (हेट स्पीच) का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। इंडिया हेट लैब की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में धार्मिक अल्पसंख्यकों (मुख्यतः मुस्लिमों और ईसाइयों) के खिलाफ कुल 1,318 हेट स्पीच घटनाएं दर्ज की गईं, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं। इस सूची में उत्तराखंड चौथे स्थान पर है, जहां कुल 155 से अधिक हेट स्पीच इवेंट्स रिपोर्ट हुए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस मामले में सबसे आगे हैं, उनके नाम 71 हेट स्पीच इंस्टेंस दर्ज हुए, जो किसी भी अन्य नेता या मुख्यमंत्री से कहीं अधिक हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उत्तराखंड में लव जिहाद, लैंड जिहाद, मजार जिहाद जैसे शब्दों का बार-बार इस्तेमाल कर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के कई भाषणों में ऐसे बयान दिए गए, जो साम्प्रदायिक सद्भाव को भंग करने वाले माने जा रहे हैं। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब राज्य में पहले से ही हरिद्वार धर्म संसद (2021) जैसी घटनाओं का इतिहास रहा है, जहां खुलेआम नफरत भरे भाषण दिए गए थे और सुप्रीम कोर्ट तक को हस्तक्षेप करना पड़ा था। विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा शासित राज्यों में हेट स्पीच की घटनाएं सबसे ज्यादा हैं और उत्तराखंड इसका प्रमुख उदाहरण बन चुका है। राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा और बहिष्कार की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक तनाव गहरा रहा है। विपक्षी दल और नागरिक समाज संगठन लगातार सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह स्थिति न केवल संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि राज्य की शांति और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरा है। यदि समय रहते हेट स्पीच पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो उत्तराखंड की सौहार्दपूर्ण छवि को गहरा नुकसान पहुंच सकता है। समाज के सभी वर्गों को मिलकर नफरत के इस जहर को रोकना होगा, ताकि देवभूमि सच्चे अर्थों में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का प्रतीक बनी रहे।

हेट स्पीच रिपोर्ट पर बोले सीएम धामी- लव जिहाद और अन्य मुद्दों पर रखते रहेंगे अपनी बात 
इंडिया हेट लैब और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट की 2025 की रिपोर्ट में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सबसे अधिक हेट स्पीच देने वाले नेता के रूप में नामित किए जाने के कुछ दिनों बाद, उन्होंने फिर से विवादास्पद बयानबाजी की है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि धामी ने 2025 में कुल 71 नफरत भरे भाषण दिए, जो देश में किसी भी अन्य नेता से अधिक हैं। इनमें लव जिहाद, लैंड जिहाद और मजार जिहाद जैसे शब्दों का बार-बार इस्तेमाल शामिल था, जो मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते थे। रिपोर्ट जारी होने के तुरंत बाद सीएम धामी ने शनिवार को देहरादून में एक कार्यक्रम में अपनी सरकार की कठोर नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि वे कथित लव जिहाद और अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह राज्य की सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा के लिए जरूरी है। यह बयान विपक्ष और नागरिक समाज द्वारा हेट स्पीच को बढ़ावा देने वाला करार दिया जा रहा है। विपक्ष ने इसे नफरत की राजनीति का नया अध्याय बताया और मांग की कि केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा शासित राज्यों में हेट स्पीच की घटनाएं 88 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं और उत्तराखंड इसका प्रमुख केंद्र बन चुका है। 2021 की हरिद्वार धर्म संसद जैसी घटनाओं के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से सामाजिक तनाव बढ़ रहा है। यह बयान राज्य की छवि को और धूमिल कर सकता है, जहां पर्यटन और सद्भाव मुख्य आधार हैं। अल्पसंख्यक संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ता लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे संस्कृति संरक्षण का नाम दे रही है। यदि ऐसे बयान जारी रहे, तो देवभूमि में शांति भंग होने का खतरा बढ़ जाएगा। समाज को नफरत के खिलाफ एकजुट होना होगा।