हल्द्वानी के युवा समाजसेवी को लगातार मिल रही धमकियां! उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा मामला तो काठगोदाम पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोप- राजनीतिक संरक्षण के चलते नहीं हो रही कार्रवाई
हल्द्वानी निवासी युवा समाजसेवी मनोज गोस्वामी को लगातार धमकियां मिल रही है। सोशल मीडिया से लेकर फोन पर तक उन्हें देख लेने की बात कही जा रही है, जिसको लेकर मनोज गोस्वामी ने मीडिया को कॉल रिकॉर्ड भेजी है, जिसमें एक शख्स न केवल उनसे गाली-गलौच कर रहा है बल्कि देख देने की धमकी देते सुनाई दे रहा है। इस रिकॉर्डिंग में दिवंगत कांग्रेस नेत्री इंदिरा हृदयेश और विधायक सुमित हृदयेश के नाम का जिक्र भी किया जा रहा है।
मनोज गोस्वामी का आरोप है कि दमुवाढ़ूंगा निवासी हृदयेश कुमार द्वारा उन्हें धमकी दी जा रही है। हांलाकि आवाज 24X7 कॉल रिकॉर्ड में किसकी आवाज है इसकी पुष्टि नहीं करता। लेकिन जिस प्रकार खुलेआम धमकी दी जा रही है उसमें पुलिस को हस्तक्षेप कर समय रहते इस मामले का पटाक्षेप कर लेना चाहिए।

उधर धमकी दिए जाने का मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद काठगोदाम पुलिस ने इस मामले में हृदयेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। वहीं धमकी के मामले में मनोज गोस्वामी की माता सुधा गोस्वामी ने जिलाधिकारी से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारियों से बेटे की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
वहीं इस मामले को लेकर अब पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद भी पुलिस ने अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की। यह भी बता दें कि अभी हाल ही में डीजीपी अशोक कुमार के जनता दरबार में समाजसेवी मनोज गोस्वामी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें मौके से उठा लिया गया और करीब सात घंटे तक नजरबंद रखा गया, जिसके बाद पुलिस पर और भी सवाल उठने लगे थे। मनोज गोस्वामी के अनुसार वह लगातार पुलिस से इस मामले में शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन जबतक बात पुलिस महानिदेशक तक नहीं पहुंची तबतक स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।
यहां यह सवाल भी खड़ा होता है कि आखिर पुलिस इस मामले को इतना हल्के में क्यों ले रही है। खुलेआम युवा समाजसेवी को धमकियां दी जा रही है, मां-बहन की गाली दी जा रही है बावजूद इसके पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। मनोज गोस्वामी की मानें तो राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के चलते पुलिस आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।
यही नही मनोज गोस्वामी द्वारा अपने फेसबुक पेज पर हृदयेश कुमार के खिलाफ कई पोस्ट की गयी हैं, एक पोस्ट में उन्होंने हृदयेश कुमार को भाजपा नेता शंकर कोरंगा का करीबी बताया है। उन्होंने लिखा है शंकर कोरंगा अपने आप को मुख्यमंत्री का करीबी बताते हैं और गुंडों का साथ दे रहे हैं, इसमें उन्होंने एक फोटो अटैच की है। मनोज गोस्वामी के अनुसार हृदयेश कुमार के खिलाफ इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही क्योंकि उन्हें भाजपा का संरक्षण प्राप्त है।

आपको यह भी बता दें कि कथित धमकी की जो रिकॉर्डिंग मीडिया को मिली है उसमे दूसरे पक्ष द्वारा मनोज गोस्वामी पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। अब यह जांच का विषय है कि कौन सच्चा है और कौन झूठा। देखा जाए तो अगर पुलिस इस प्रकरण की गहनता से जांच करें तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।