उत्तराखंड में मौसम के तल्ख तेवरः आंधी-तूफान का कहर! कहीं पेड़ गिरे तो कहीं जलभराव ने बढ़ाई मुश्किलें

The weather in Uttarakhand is turning harsh: Storms and hurricanes wreak havoc, with trees falling and waterlogging adding to the woes.

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी, बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि तेज अंधड़ और तूफान के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों को चौंका दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं श्यामपुर क्षेत्र के गुमानीवाला बायपास मार्ग पर दो विशाल पेड़ गिरने से हाईवे पर लंबा जाम लग गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पेड़ों को हटाने का प्रयास शुरू किया, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों को हटाकर मार्ग को सुचारू किया। कुछ समय के लिए ट्रैफिक पूरी तरह बाधित रहा, जिसे बाद में डायवर्ट कर दिया गया। तेज आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। ऋषिकेश क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से 25 हजार वोल्ट की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे रेल संचालन प्रभावित हुआ। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार पेड़ गिरने से कई स्थानों पर विद्युत लाइनें टूट गई हैं, जिसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और जल्द ही आपूर्ति बहाल करने का दावा किया जा रहा है। उधर हरिद्वार में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। ज्वालापुर और कनखल क्षेत्र की कई कॉलोनियों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि लंबे समय से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत भी मिली है। रामनगर क्षेत्र में भी मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं बागवानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को दुरुस्त किया जा रहा है।