टिहरी में कानून का कड़ा शिकंजा: घनसाली के उत्तराखंड डायग्नोस्टिक केंद्र की अल्ट्रासाउंड मशीन सील,संचालकों में हड़कंप

The Tight Grip of the Law in Tehri: Ultrasound Machine at Ghansali's Uttarakhand Diagnostic Centre Sealed; Panic Grips Operators

नई टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में अवैध मेडिकल गतिविधियों और पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पीसीपीएनडीटी समिति ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए घनसाली के चमयाला रोड स्थित 'उत्तराखंड डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड केंद्र' पर औचक छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण के दौरान केंद्र में नियमों के संचालन को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाई गईं, जिस पर समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र की अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इसके साथ ही केंद्र संचालक के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

पीसीपीएनडीटी समिति ने इस कार्रवाई के बाद सख्त लहजे में बताया कि क्षेत्र में नियमों की अनदेखी करने वाले सेंटर्स को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले भी घनसाली बाजार में नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने के कारण 'स्मृति नर्सिंग होम' और 'श्रीराम डायग्नोस्टिक सेंटर' के अल्ट्रासाउंड लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। समिति ने साफ किया है कि बेटियों को बचाने, अवैध भ्रूण लिंग जांच को पूरी तरह रोकने और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन का यह विशेष चेकिंग अभियान पूरे जनपद में निरंतर जारी रहेगा। इस बड़ी औचक कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी खुद कमान संभाले हुए थे। टीम में घनसाली के तहसीलदार हरीश जोशी, टिहरी गढ़वाल के एसीएमओ डॉ. चन्दन मिश्रा, विख्यात स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. पूरवी भट्ट और जिला समन्वयक तनुजा रावत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों, लॉगबुक और तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की। कार्रवाई के बाद पीसीपीएनडीटी समिति और जिला प्रशासन ने टिहरी जनपद के सभी नागरिकों से एक विशेष अपील भी जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि यदि उनके आस-पास या किसी भी चिकित्सा केंद्र में भ्रूण लिंग जांच जैसी कोई भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि उनके संज्ञान में आती है, तो इसकी जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि ऐसे अवैध कृत्य करने वालों के खिलाफ और अधिक प्रभावी एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।