ऊधम सिंह नगरः नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस का एक्शन! होटल संचालक समेत 4 लोग हिरासत में, नामजद आरोपी की तलाश तेज! बिना आईडी एंट्री देने वाले होटलों पर उठे गंभीर सवाल

Udham Singh Nagar: Major police action in the gang-rape case involving a minor! Four individuals, including the hotel operator, have been detained, and the search for the named accused has intensifie

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए बुधवार देर रात होटल संचालक समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं मामले में एक नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद आरोपी नमन फिलहाल फरार बताया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को पीड़िता के न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। वहीं लगातार की जा रही कार्यवाही के तहत पुलिस ने किच्छा टोल प्लाजा से आगे उस होटल को बंद करवा दिया है जहां इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया। पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें। मामले में एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर एक नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

पुलिस को सौंपी गई तहरीर में पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी अपनी एक सहेली के साथ वाटर पार्क घूमने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में सहेली का मुंहबोला भाई अपने कथित चाचा के साथ बाइक पर मिला। इस दौरान आरोपितों ने शातिराना चाल चलते हुए पीड़िता की सहेली को ऑटो से आने को कहा और पीड़िता को अपनी बाइक पर बैठाकर वाटर पार्क ले गए। आरोप है कि इसके बाद वे पीड़िता को बहला-फुसलाकर किच्छा टोल प्लाजा से आगे एक होटल में ले गए। वहां नाबालिग को कोल्ड ड्रिंक या किसी अन्य चीज में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जब किशोरी बेसुध हो गई, तो आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद दो अन्य अज्ञात लोग भी वहां पहुंचे और उन्होंने भी किशोरी की अस्मत को तार-तार किया। वे दो अन्य लोग कौन थे, फिलहाल पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।

वारदात के बाद अगली सुबह जब पीड़िता को होश आया, तो उसने किसी तरह हिम्मत जुटाकर एक व्यक्ति की मदद से अपने परिजनों को फोन पर आपबीती बताई। सूचना मिलते ही बदहवास परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और बेटी को होटल से सुरक्षित घर लाए। पीड़िता की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने हिम्मत दिखाई और कानूनी कार्रवाई के लिए सबसे पहले ट्रांजिट कैंप थाने पहुंचे, जहां से उन्हें कोतवाली रुद्रपुर भेज दिया गया। पुलिस ने तत्काल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया।

चंद रुपयों की खातिर सुरक्षा से खिलवाड़, बिना आईडी एंट्री पर उठे सवाल
इस वारदात के बाद जहां घटनास्थल के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं क्षेत्र के होटल संचालकों के खिलाफ भारी गुस्सा भी देखने को मिल रहा है। प्रारंभिक जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई होटल महज चंद रुपयों के लालच में नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी वैध पहचान पत्र के लोगों को कमरे दे देते हैं। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सत्यापन अभियान पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।