बहुचर्चित कोठी प्रकरणःक्या आरोपी की अधिकारी के खिलाफ कोई साजिश है?आईपीएस जन्मेजय खंडूरी और एसओ नरेंद्र गहलावत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति!प्रशासनिक निर्णयों और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर छिड़ी गंभीर बहस
देहरादून। क्लेमेंट टाउन के बहुचर्चित कोठी प्रकरण में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण द्वारा तत्कालीन एसएसपी जन्मेजय खंडूरी और थाना प्रभारी नरेंद्र गहलावत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। इस फैसले ने जांच की निष्पक्षता और पूरे घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस की शुरुआती जांच में संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और वादी कुसुम कपूर के दावों पर संदेह के संकेत मिले थे। इसी दौरान जांच की दिशा बदलने और राजनीतिक दबाव के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए। बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच गहराई में गई, विवाद और जटिल होता गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक संपत्ति का स्वामित्व पहले से ही विवादित रहा है और इस मामले में पूर्व में अदालत भी अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। इसके बावजूद दावे और प्रतिदावे जारी रहे, जिससे पूरे प्रकरण में भ्रम की स्थिति बनी रही। वहीं इस केस से जुड़े कथित भूमाफिया नेटवर्क और कंवरपाल उर्फ केपी सिंह जैसे नाम भी सामने आए थे। पुलिस की जांच में कई गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन मुख्य आरोपी की मृत्यु के बाद कई पहलू अधूरे रह गए। आरोप यह भी हैं कि कुछ मामलों में जांच को प्रभावित कर अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष जांच का हिस्सा थी या फिर पूरे मामले में किसी स्तर पर दबाव ने जांच की दिशा बदल दी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक निर्णयों और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर बहस छेड़ रहा है।