नैनीताल HC:पहचान छिपाकर लड़कियों का शोषण करने के मामले में पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने के हाईकोर्ट ने दिए निर्देश!

Nainital HC: High Court Directs Provision of Protection to Victim in Case of Exploitation of Girls Under Concealed Identity!

नैनीताल। 

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को याचिकाकर्ता को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल के समक्ष हुई, जिसमें आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने तुरंत हस्तक्षेप किया।

प्रकरण में आरोप है कि एक व्यक्ति लड़कियों को अपनी पहचान छिपाकर अपने जाल में फंसाता था और बाद में उनका शारीरिक व आर्थिक शोषण करता था। शिकायत में यह भी सामने आया कि सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से पीड़िताएं औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से बच रही हैं। आरोपों के मुताबिक, आरोपी ने पीड़िताओं से महंगे सामान खरीदवाए और उनसे करीब 17 लाख रुपये तक खर्च करवाए। इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी शिकायत दर्ज कराए जाने की बात कही गई है।

इसी बीच एक पीड़िता ने अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सुरक्षा की मांग की। याचिका में उसने बताया कि उसे किसी अज्ञात व्यक्ति से तत्काल खतरा है और इसी कारण वह शपथपत्र दाखिल करने से छूट चाहती है। मामले की गंभीरता और संभावित खतरे को देखते हुए अदालत ने पुलिस प्रशासन को बिना देरी सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि याचिकाकर्ता अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहती है, ऐसे में उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अदालत ने एसएसपी को निर्देशित किया कि एक महिला अधिकारी, जो डीएसपी रैंक से कम न हो, तथा उसके साथ एक अन्य महिला पुलिस अधिकारी को तत्काल नियुक्त किया जाए। इन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे याचिकाकर्ता के वकील के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।