उत्तराखण्ड: हाईकोर्ट में फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2018 विवाद मामले में हुई सुनवाई! नकल के आरोपों में फंसे अभ्यर्थियों के मामले में यूकेएसएसएससी के सचिव को 6 मई को कोर्ट में तलब
नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने 2018 में हुई दो हजार से अधिक फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती प्रक्रिया में एकलपीठ द्वारा 9 याचिकाकर्ताओं का भी परीक्षाफल घोषित करने के आदेश को चुनौती देती यूकेएसएसएससी की अपील की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आयोग के सचिव को 6 मई को कोर्ट में तलब किया है। इन याचिकाकर्ताओं पर परीक्षा के समय नकल करने की शिकायत के आधार पर आयोग ने उनका परीक्षाफल रोक दिया था। जिसके खिलाफ उन्होंने एकलपीठ में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने इन याचियों के पक्ष में फैसला दिया था। जिसके खिलाफ आयोग ने खंडपीठ में 2022 में अपील दायर की। सुनवाई पर आज आयोग की तरफ से कहा गया कि अभ्यर्थियो के खिलाफ साक्ष्य व अन्य कागजात दाखिल करने के लिए उन्हें समय मांगा कर काहा कि रिकॉर्ड अब तक कोर्ट में पेश नहीं किया गया। जिसका विरोध करते हुए याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि आयोग 2022 से अभी तक दस्तावेज पेश करने के लिए कई बार समय मांग चुका है। लेकिन तब से अब तक पेश नही किया गया।मंगलवार को मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद सचिव यूकेएसएसएससी को 6 मई को तलब किया है।