उत्तराखण्ड विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर भारी हंगामा! विपक्ष के विरोध के बीच निंदा प्रस्ताव पारित, सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

A special session of the Uttarakhand Assembly erupted in uproar over women's reservations. A censure motion was passed amid opposition protests, and the House adjourned indefinitely.

देहरादून। महिला आरक्षण पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सदन मं खासा हंगामा देखने को मिला। विशेष सत्र के दौरान सदन के भीतर विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्षियों ने वेल में जमकर हंगामा किया। इसके बाद सदन में निंदा प्रस्ताव रखा गया, अध्यक्ष ने निंदा प्रस्ताव स्वीकृत किया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल समय के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष ने देश की गरीब बेटियों के बारे में कभी नहीं सोचा। आज उज्ज्वला योजना ने मातृ शक्ति को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाई। राज्य में सिलिंडर की कोई कमी नहीं होगी। चारधाम यात्रा की शानदार शुरुआत हुई है। इतनी भीड़ है कि कुछ लोग रील बनाकर विरोध करने लगे। आपको हमारा विरोध करना है तो करें, लेकिन चारधाम को ही बदनाम करने पर उतर आए, ये सही नहीं है। सीएम धामी ने ये भी कहा कि कांग्रेस ने विरोध इसलिए किया, कि अगर महिलाओं को आरक्षण मिल जाता, तो इसका श्रेय भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चला जाता। मोदी जी इसका श्रेय विपक्ष को भी देने को तैयार थे। सीएम ने कहा कि 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना की वृद्धि हुई है। बजट में बेटियों के लिए 5 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। 11 वर्षों में देश में संस्थागत प्रसव 61 से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया। सुकन्या समृद्धि के तहत 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ टैक्स फ्री लाभ दिया जा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष भूल गया कि रावण का अंत भी माता सीता के अपमान की वजह से हुआ था। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि किसी राज्य की सीटें नहीं घटेंगी। अगर मातृशक्ति को आरक्षण मिल जाता, तो किसी का क्या जाता। सीटें बढ़ जाती तो महिलाओं को उनका हक मिल जाता। बढ़ी सीटें तो आखिर महिलाओं को ही मिलनी थीं। तो फिर कांग्रेस ने इसे रोकने का काम क्यों किया। सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा झूठ और भ्रम की राजनीति करने का काम किया है।  

वहीं सीएम धामी के संबोधन के बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या का संबोधन शुरू हुआ। यशपाल आर्या ने कहा कि ये बहुत संवेदनशील विषय है। केंद्र की तारीफ करना राज्य सरकार की मजबूरी है। सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन नारी वंदन अधिनियम, 2026 में जो संशोधन अधिनियम लाया गया है, उस पर हमारा का रुख स्पष्ट है। ये आधी आबादी के साथ धोखा है। एक खास सोच के तहत इसे लाया गया है। यशपाल आर्या ने कहा कि मैं सत्ता पक्ष से पूछना चाहता हूं कि इस सत्र को बुलाने का क्या औचित्य है। जब कानून 2023 में लागू हो चुका था, तो इसको लागू करने में इतना समय क्यों लगाया गया। अब तक क्यों लागू नहीं किया गया। केंद्र सरकार कह रही है कि हम 2029 में महिलाओं को आरक्षण देंगे। लेकिन जनगणना में इतना समय लगेगा तो कैसे संभव होगा। बीजेपी सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे है।