भक्ति और आस्था का महापर्व शुरूः ऊखीमठ से केदारनाथ के लिए रवाना हुई पंचमुखी डोली! 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा ऊखीमठ
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की पवित्र वादियों में एक बार फिर भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए डोली ने मंदिर की परिक्रमा की और इसके बाद अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र हुए। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर को लगभग आठ क्विंटल फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर दिव्य और आकर्षक नजर आया। डोली यात्रा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल भी निकल पड़े हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का जीवंत उदाहरण भी है। यात्रा से एक दिन पूर्व शनिवार रात्रि को भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना विधि.विधान से संपन्न की गई, जो इस परंपरा का अहम हिस्सा मानी जाती है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी जहां श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अल्प विश्राम दिया जाएगा। इसके बाद डोली फाटा में रात्रि विश्राम करेगी।
यात्रा के अगले चरण में 20 अप्रैल को डोली गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके पश्चात 21 अप्रैल को डोली पुनः प्रस्थान कर केदारनाथ धाम पहुंचेगी और मंदिर भंडार में विधिवत विराजमान होगी। 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी के साथ विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क और पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण किया गया है। इसके अलावा बर्फ हटाने सहित सभी जरूरी कार्य लगभग पूरे कर लिए गए हैं, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित रह सके। वहीं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे यात्रा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इधर यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं में बाबा केदार के प्रति अपार आस्था और उत्साह साफ नजर आ रहा है।