ओवरलोडिंग की इंतहाः 32 स्लीपर सीट वाली बस में भरे थे 120 लोग! नजारा देख हक्का-बक्का रह गए अधिकारी, उत्तराखण्ड परिवहन विभाग की टीम ने लिया बड़ा एक्शन
ऋषिकेश। इसे यातायात नियमों का उल्लंघन कहें या फिर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़, जो भी हो ऋषिकेश से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। दरअसल, राजस्थान के धौलपुर से एक स्कूल के छात्र शैक्षिक भ्रमण पर उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंचे थे। हैरानी की बात ये है कि 32 स्लीपर सीट वाली बस में 100 से अधिक छात्रों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। बस में कुल 120 लोग सवार थे। जब ऋषिकेश में एआरटीओ ने बस को रोका तो बस के अंदर से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई। इसके बाद चालान काटकर बस को सीज कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक परिवहन विभाग की ओर से सोमवार शाम करीब 6 बजे गंगोत्री राजमार्ग स्थित भद्रकाली मंदिर के पास वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान आगरा के नंबर पर रजिस्टर्ड स्लीपर बस भद्रकाली तिराहा पार कर ब्रह्मानंद मोड़ की ओर जाने लगी। बस के आगे स्कूल के शैक्षिक भ्रमण का फ्लेक्स लटका था। जब परिवहन विभाग की टीम ने बस को रोककर बस के अंदर चेकिंग की, तो अंदर का नजारा देखकर विभागीय टीम हक्की-बक्की रह गई। 32 स्लीपर सीट में पास इस बस में राजस्थान के धौलपुर जिले के मां भगवती विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तसीमो के 100 छात्रों को ठूंस-ठूंस कर बिठाया गया था। बस चालक, परिचालक सहित 20 अन्य लोग भी सवार थे। बस में कुल 120 सवारियां बैठी थी। एआरटीओ रश्मि पंत ने बताया कि छात्रों और शिक्षकों को रोडवेज बसों की सहायता से हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक भेजा गया। एआरटीओ ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा, ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं जाएगी।