खेल मंत्री के पति के खिलाफ कांग्रेस का सड़क से थाने तक संघर्ष, डालनवाला में देर रात तक सियासी घमासान

The Congress party staged protests from the streets to the police station against the Sports Minister's husband, leading to a political clash in Dalanwala that continued late into the night.

उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया, जब प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं देहरादून के डालनवाला थाने पहुंचीं और वहां जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना तूल पकड़ गया कि देर रात तक थाने पर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि खेल मंत्री के पति के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान को लेकर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि इस मामले में दो जनवरी को डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस तरह के “शर्मनाक बयान” को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। दिन में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। रिहा होते ही महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता फिर से डालनवाला थाने पहुंच गईं और एफआईआर दर्ज होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। शाम ढलने के बाद भी महिलाएं थाने पर डटी रहीं, जिससे माहौल और गरमा गया।

राजनीतिक हलकों में हलचल उस वक्त और तेज हो गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत देर रात स्वयं डालनवाला थाने पहुंचे और धरने को अपना समर्थन दिया। हरीश रावत की मौजूदगी ने इस मामले को पूरी तरह सियासी रंग दे दिया और भाजपा सरकार पर विपक्ष के हमले और तेज हो गए। रात में हालात को संभालने के लिए एसपी सिटी प्रमोद कुमार थाने पहुंचे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने उन्हें अपना मांगपत्र सौंपा। एसपी सिटी ने पूरे मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया। वहीं डालनवाला थाने के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुंवर ने बताया कि कांग्रेस नेता की ओर से पूर्व में एक प्रार्थनापत्र दिया गया था, लेकिन मामला अल्मोड़ा जनपद से जुड़ा होने के कारण उसे वहां भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं को तीन बार पुलिस लाइन छोड़ा गया, लेकिन हर बार वे वापस थाने पहुंच गईं। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, जिस पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आएंगे।