टिहरी हादसाः मातम ने बुलाई मौत! बुजुर्ग की अंत्येष्टि और लौटते समय खत्म हो गईं आठ जिंदगियां! कई लोगों की जिंदगी उजाड़ गया अंतिम विदाई का सफर
टिहरी गढ़वाल। कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ी कर देती है, जहां दर्द शब्दों से बड़ा हो जाता है। उत्तराखण्ड के टिहरी में आज गुरूवार को हुआ सड़क हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई लोगों की दुनिया उजड़ने की कहानी है। जिस सफर की शुरुआत एक बुजुर्ग की अंतिम विदाई से हुई थी, वह खुद कई जिंदगियों की अंतिम यात्रा बन गई। भिलंगना ब्लॉक के नैलचामी क्षेत्र का चकरेड़ा गांव आज गहरे शोक में डूबा हुआ है। यहां से 10 लोग एक बुजुर्ग रिश्तेदार संत्तू लाल की अंत्येष्टि में शामिल होने हरिद्वार गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि लौटते वक्त यही सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। गुरुवार दोपहर करीब 2ः15 बजे, चंबा-कोटीकॉलोनी मोटर मार्ग पर नैल गांव के पास उनका वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में समा गया। एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। चीखें, सन्नाटा और फिर मौत का भयावह मंजर। जब तक मदद पहुंचती, आठ जिंदगियां खामोश हो चुकी थीं। इस हादसे में आशा लाल, विजय लाल, प्रेमलाल, महावीर, चालक शिव सिंह, सोहन लाल, लक्ष्मण और राहुल की मौत हो गई, ये सभी आपस में रिश्तेदार थे। इस हादसे ने एक घर के इकलौते बेटे को छीन लिया। दो बेटियों का सुहाग उजड़ गया। बुजुर्गों का सहारा खत्म हो गया। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। चकरेड़ा गांव की गलियों में अब सन्नाटा पसरा है। हर घर से रोने की आवाजें आ रही हैं। कोई अपने बेटे को पुकार रहा है, कोई अपने पति को, तो कोई अपने पिता को। हादसे में दो लोग उत्तम कुमार और अंकित लाल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें खाई से निकालकर जिला अस्पताल बौराड़ी पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उत्तम कुमार की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन अंकित की स्थिति गंभीर होने के चलते उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही चंबा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के बाद डीएम नितिका खंडेलवाल, विधायक किशोर उपाध्याय, एसएसपी श्वेता चौबे और सीएमओ डॉ. श्याम विजय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। लेकिन इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं। कई लोग इसे किस्मत का क्रूर खेल मान रहे हैं। कुछ के मुंह से यह भी निकल रहा है कि मातम ने मौत को बुला लिया।