हैरान करने वाला फर्जीवाड़ाः गर्भवती बनाओ, 10 लाख रूपए कमाओ! ‘प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ के नाम पर साइबर ठगी, लिंक में पढ़ें चौंकाने वाला खुलासा

Shocking scam: Get pregnant, earn 1 million rupees! Cyber ​​fraud in the name of 'pregnancy job service'. Read the shocking revelations in the link.

नई दिल्ली। बिहार से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। यहां नवादा में साइबर ठगों द्वारा निःसंतान दंपतियों की संवेदनाओं और जरूरतों को निशाना बनाकर जालसाजी की जा रही थी। ठगी के इस खेल को ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ नाम दिया गया था। जब इसकी भनक पुलिस को लगी तो जांच शुरू हुई। जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस को अचंभित कर दिया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। दरअसल शातिर ठग लोगों को फोन कर यह दावा करते थे कि वे निःसंतान महिलाओं को गर्भवती कराने की तकनीक जानते हैं। इसके बदले वे ग्राहकों को दस लाख रुपये तक कमाने का लालच देते थे। कहा जाता था कि यदि कोई व्यक्ति किसी निःसंतान महिला को गर्भवती कर देता है तो उसे मोटी रकम दी जाएगी। इस झांसे में आकर कई लोग रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे जमा कर देते थे। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह खासतौर पर ऐसे लोगों को टारगेट करता था जो या तो आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे या जल्दी पैसे कमाने का सपना देख रहे थे।

फोन कॉल के जरिए बड़ी-बड़ी बातें की जाती थीं, फर्जी दावे किए जाते थे और भरोसा दिलाया जाता था कि यह पूरी तरह लीगल और सुरक्षित काम है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर जालसाज रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक ऐंठ लेते थे। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब नवादा पुलिस को सूचना मिली कि हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवा गांव में साइबर ठगी का एक अड्डा चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनवा गांव के एक घर पर छापेमारी की, जहां से दो आरोपितों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में एक नाबालिक है, जबकि दूसरे की पहचान रंजन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब के नाम से लोगों को फोन कर ठगी कर रहे थे और अब तक लाखों रुपये की कमाई कर चुके हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ठग न सिर्फ पुरुषों को, बल्कि निःसंतान महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाते थे। महिलाओं को यह भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी खास तकनीक से गर्भधारण संभव है। बदले में उनसे भी अलग-अलग चरणों में पैसे लिए जाते थे। कई मामलों में महिलाओं को मानसिक रूप से इतना प्रभावित किया गया कि वे ठगी का शिकार होने के बावजूद शिकायत तक करने से हिचकती रहीं।

चार मोबाइल फोन जब्त, खुलेंगे कई राज
पुलिस ने आरोपितों के पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइलों में बड़ी संख्या में कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और संदिग्ध चैट्स मिलने की उम्मीद है। साइबर सेल की टीम अब इन मोबाइलों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है। एसपी अभिनव धीमान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह साइबर ठगी का बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला है। इसमें लोगों की भावनाओं के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक पहलुओं को भी चोट पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ठगे गए पीड़ितों की संख्या का पता लगाने की कोशिश कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में बड़े नेटवर्क या अन्य जिलों से जुड़े तार सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा।