पूर्णागिरि धाम में दर्शन के दौरान चौंकाने वाला मामला: यूपी की 15 वर्षीय किशोरी को अचानक हुआ पेट दर्द,फिर अस्पताल में दिया शिशु को जन्म,जांच में जुटी पुलिस

Shocking incident during a pilgrimage to Purnagiri Dham: A 15-year-old girl from UP suddenly suffered stomach pain and subsequently gave birth to a baby in the hospital; police have launched an inves

चम्पावत। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश से अपने परिवार के साथ आई एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी द्वारा अचानक अस्पताल में शिशु को जन्म देने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घटना सोमवार रात और मंगलवार सुबह के बीच की बताई जा रही है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए टनकपुर कोतवाली पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए केस डायरी उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंप दी है।

जानकारी के अनुसार,उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद की रहने वाली एक 15 साल की किशोरी अपने परिजनों के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन करने उत्तराखंड आई थी। मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद जब पूरा परिवार वापस लौट रहा था, तभी अचानक किशोरी के पेट में तेज दर्द उठा और उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। किशोरी को तड़पता देख घबराए परिजन उसे आनन-फानन में नजदीकी उपजिला चिकित्सालय टनकपुर लेकर पहुंचे। वहां तैनात डॉक्टरों ने मामले को संदिग्ध और गंभीर पाते हुए तत्काल उसे अपनी विशेष निगरानी में ले लिया और इलाज शुरू किया। अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख के दौरान ही किशोरी ने लगभग छह माह के एक अविकसित शिशु को जन्म दिया। हालांकि, चिकित्सकों के भरसक प्रयासों के बावजूद समय से पहले जन्मे इस अविकसित नवजात को बचाया नहीं जा सका और जन्म के कुछ ही समय बाद शिशु की मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन ने इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय टनकपुर पुलिस को दी। डॉक्टरों के अनुसार, विधिक और चिकित्सीय प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं और मामले के मुख्य साक्ष्य के तौर पर डीएनए जांच हेतु नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं। अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर टनकपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। चूंकि घटनाक्रम और पीड़िता उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए क्षेत्राधिकार की तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए टनकपुर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जीरो एफआईआर दर्ज की। टनकपुर कोतवाल चेतन रावत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नियमानुसार इस शून्य एफआईआर को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद के थाने को स्थानांतरित कर दिया गया है। उत्तराखंड पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शुरुआती विधिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब पीलीभीत पुलिस मामले के सभी पहलुओं, पृष्ठभूमि और साक्ष्यों की गहराई से तफ्तीश करेगी, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।