हैरान करने वाला मामलाः डॉक्टर ने मृत घोषित किया! मुर्दाघर पहुंचते ही चलने लगी सांसें, अंतिम संस्कार से पहले ‘जिंदा’ मिला बुजुर्ग! लिंक में अचंभित करने वाली कहानी

Shocking case: Doctor declared him dead! Upon arrival at the morgue, the elderly man began breathing, and was found alive before his funeral! Link to the astonishing story.

नई दिल्ली। ब्राजील से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अस्पताल में डॉक्टरों ने 88 वर्षीय बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए शव को मुर्दाघर भेज दिया गया। लेकिन जब अंतिम संस्कार गृह के कर्मचारी शव को तैयार करने लगे तो उन्होंने देखा कि बुजुर्ग की सांसें चल रही हैं। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। तत्काल अस्पताल और इमरजेंसी सेवाओं को सूचना दी गई, जिसके बाद बुजुर्ग को दोबारा अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना ब्राजील के प्रेसिडेंटे प्रूडेंटे शहर की है। यहां एमिलियानोपोलिस निवासी 88 वर्षीय जुरासी रोजा एल्व्स को 16 मई को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार को सूचना दी गई और शव को अंतिम संस्कार की सामान्य प्रक्रिया पूरी करने के लिए शवगृह भेज दिया गया।

शवगृह पहुंचने के बाद कर्मचारी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान उन्हें बुजुर्ग के शरीर में असामान्य हलचल दिखाई दी। करीब से जांच करने पर उन्होंने पाया कि जुरासी सांस ले रहे हैं। यह देख कर्मचारियों के होश उड़ गए। उन्होंने बिना देर किए अस्पताल प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। अंतिम संस्कार गृह की तकनीकी नर्सिंग सुपरवाइजर जैकलीन ब्रोगियाटो ने स्थानीय मीडिया को बताया कि शव को लैब में मेज पर रखने के दौरान कर्मचारियों ने पेट में हलचल महसूस की। शुरुआत में उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से देखने पर स्पष्ट हो गया कि बुजुर्ग सांस ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता बुजुर्ग की जान बचाना थी। इसी कारण इमरजेंसी टीम पहुंचने तक उन्होंने प्राथमिक उपचार देते हुए उनकी सांस की नली साफ करने की कोशिश की। कुछ ही देर में डॉक्टर मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को इंट्यूबेट कर तत्काल उसी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया था। फिलहाल जुरासी रोजा एल्व्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने इस मामले को उचित सहायता न देने और चिकित्सा लापरवाही के तहत दर्ज किया है। हालांकि जिस डॉक्टर ने बुजुर्ग को मृत घोषित किया था, उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। अस्पताल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू करने की घोषणा की है। परिवार की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे कार्लोस अल्बर्टो कार्नेइरो ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उचित देखभाल नहीं मिलने और उम्र अधिक होने के कारण जुरासी की हालत और बिगड़ गई होगी। उन्होंने कहा कि परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था और कपड़े तक तैयार कर लिए गए थे। इसी दौरान अचानक सूचना मिली कि बुजुर्ग जीवित हैं। एल्व्स के एक रिश्तेदार ने बताया कि उनकी चाची अंतिम संस्कार की कागजी कार्रवाई पूरी करने घर गई थीं। काफी देर तक कोई सूचना न मिलने पर परिवार को चिंता हुई। बाद में पता चला कि शवगृह के कर्मचारियों ने बुजुर्ग में जीवन के संकेत देखे और उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।