कैंची धाम स्थापना दिवसः तो क्या इस बार नहीं दिखी पहले जैसी चहल-पहल? वायरल वीडियो में स्थानीय लोगों का दावा- पुलिस की सख्ती और जगह-जगह बैरिकेडिंग से प्रभावित हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीब करौरी महाराज के कैंची धाम में सोमवार को 62वां स्थापना दिवस आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हालांकि स्थापना दिवस के अवसर पर जहां एक ओर आस्था का महासंगम देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर मेले की व्यवस्थाओं और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस बार पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर अत्यधिक सख्ती बरती गई, जिसके चलते अपेक्षित संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम नहीं पहुंच पाए। उनका कहना है कि विभिन्न स्थानों पर लगाए गए बैरिकेड, यातायात प्रतिबंध और चेकिंग व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का दावा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार दोपहर बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ काफी कम दिखाई दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, सामान्य तौर पर स्थापना दिवस के अवसर पर देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहती थीं, लेकिन इस बार दोपहर लगभग दो बजे के बाद ही मंदिर परिसर के बाहर भीड़ काफी कम हो गई थी। इससे स्थानीय कारोबारियों और दुकानदारों में भी निराशा देखने को मिली, क्योंकि स्थापना दिवस के दौरान होने वाली भीड़ से उनके व्यापार को भी लाभ मिलता है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंदिर परिसर के बाहर अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दे रही है। हांलाकि आवाज इंडिया वायरल वीडियो और दावों की पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि दोपहर ढाई बजे तक भंडारे में जाने वाले श्रद्धालुओं की लाइन लगभग समाप्त हो चुकी है। वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कम रही और इसके पीछे पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड तथा विभिन्न मार्गों पर की गई सख्त निगरानी को जिम्मेदार बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक और सीमित प्रवेश व्यवस्था के कारण अनेक श्रद्धालु कैंची धाम तक नहीं पहुंच सके। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों का कहना था कि भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। गौरतलब है कि हाल ही में कैंची धाम में तैनात दो पुलिस कर्मियों पर एक महिला के साथ कथित छेड़छाड़ के आरोप लगे थे, जिसके बाद मामला काफी चर्चाओं में रहा और स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला था। ऐसे में इस बार की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से ही लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हुई थीं। अब स्थापना दिवस के दौरान सामने आई तस्वीरों और वायरल वीडियो के बाद मेले की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। जहां एक पक्ष सुरक्षा इंतजामों को जरूरी बता रहा है, वहीं स्थानीय व्यापारी और कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि अत्यधिक प्रतिबंधों के कारण धार्मिक आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की भागीदारी प्रभावित हुई है। फिलहाल कैंची धाम में स्थापना दिवस का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।